जौनपुर गंगा-जमुनी तहज़ीब की मिसाल बनी अंजुमन जाफ़रिया की कदीम शब्बेदारी
जौनपुर, 26 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के जौनपुर में अंजुमन जाफ़रिया के तत्वावधान में कल्लू मरहूम के इमामबाड़े में कर्बला के शहीदों की याद में कदीम तरही शब्बेदारी अकीदत और एहतराम के साथ सम्पन्न हुई। शनिवार शाम से शुरू हुए इस धार्मिक आयोजन में प्रदेश के विभिन्न जनपदों से आए अकीदतमंदों ने नौहाख़्वानी, मातम और मजलिसों के माध्यम से हज़रत इमाम हुसैन अलैहिस्सलाम और शहीदान-ए-कर्बला को ख़िराज-ए-अकीदत पेश किया।
पहली मजलिस को संबोधित करते हुए मौलाना मेहर अब्बास रिज़वी ने कहा कि कर्बला का संदेश पूरी इंसानियत के लिए सब्र, इंसाफ़, सच्चाई और ज़ुल्म के विरुद्ध डटकर खड़े होने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि इमाम हुसैन की कुर्बानी अमन, मोहब्बत और इंसानी मूल्यों की हमेशा राह दिखाती रहेगी। सोज़ख़्वानी समर रज़ा और अफ़रोज़ रज़ा ने की। अंतिम मजलिस में मौलाना सफ़दर हुसैन जैदी ने कर्बला के दर्दनाक वाकये का मार्मिक वर्णन किया, जिसे सुनकर इमामबाड़े का माहौल ग़मगीन हो गया और अकीदतमंदों की आंखें नम हो उठीं। उन्होंने समाज में शिक्षा, ईमानदारी और इंसाफ़ को बढ़ावा देने तथा जनहित में कार्य करने वाले नेतृत्व के चयन पर बल दिया।
मजलिस के बाद शबीहे ताबूत का जुलूस निकाला गया। इस दौरान अंजुमन हैदरिया अब्दुल्लाहपुर (अम्बेडकर नगर), अंजुमन सज्जादिया कोपागंज (मऊ), अंजुमन कारवाने अज़ा जानसठ, अंजुमन रौनके अज़ा मुस्तफ़ाबाद और अंजुमन सज्जादिया जलालपुर सहित विभिन्न अंजुमनों ने नौहाख़्वानी और मातम पेश किया। रविवार को समापन पर अंजुमन जाफ़रिया के अध्यक्ष नजमुल हसन नजमी ने सभी मेहमानों और अंजुमनों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन आपसी भाईचारे, इंसानी एकता और गंगा-जमुनी तहज़ीब को और मजबूत करते हैं। कार्यक्रम का संचालन ज़ाहिद कानपुरी, बिलाल हसनैन और मोहम्मद अब्बास ऋषभ ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अकीदतमंद मौजूद रहे।
हिन्दुस्थान समाचार / विश्व प्रकाश श्रीवास्तव