जन्मभूमि पर मनाई गयी आदि जगतगुरू शंकराचार्य की जयंती

 


मथुरा, 21 अप्रैल(हि.स.)। श्रीकृष्ण जन्मस्थान प्रांगण में स्थित भागवत भवन में वैशाख शुक्ल पंचमी मंगलवार आदि जगतगुरू शंकराचार्य जी की 2533 वीं जयन्ती बड़े ही धूमधाम एवं हर्षोल्लास के साथ मनायी गयी।

श्रीराधाकृष्ण मंदिर के बायीं ओर स्थित आदि जगतगुरू शंकराचार्य जी की प्रतिमा पर भव्य पुष्पसज्जा कर सजाया गया। शंकराचार्य जी की प्रतिमा के समक्ष प्राकट्य आरती, सहस्त्रार्चन एवं विधिविधान पूर्वक पूजन किया गया। तदोपरान्त भक्तों को वृहद मात्रा में प्रसाद का वितरण किया गया।

इस संबंध में श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के अनुसार वैदिक सनातन धर्म भारत में पुष्पित एवं पल्लवित हुआ है, इसका बहुत बड़ा श्रेय आदि जगतगुरू शंकराचार्य जी को जाता है। पूज्य आदि जगतगुरू शंकराचार्य जी द्वारा सनातन धर्म की रक्षा एवं उसके संरक्षण हेतु भारतवर्ष में चारों दिशाओं में चार पीठ स्थापित किये गये। आदि जगतगुरू शंकराचार्य जी ने वैदिक सनातन धर्म की लुप्त प्रायः परम्पराओं को पुनर्जीवित किया तथा तीर्थों को प्रतिष्ठित किया और जो लोग सनातन धर्म का विरोध करके अन्यान्य अवैदिक धर्मों को चला रहे थे, उन सभी को पूर्णतः शास्त्रार्थ द्वारा पराभव कर संपूर्ण भारतवर्ष में वैदिक सनातन धर्म का विस्तार किया।

पूज्य शंकराचार्य जी मथुरा भी पधारे थे, यहाँ भी वैदिक सनातन धर्म की विजय पताका फहरा कर, उन्होंने सनातन धर्म की व्यवस्थाओं की पुनर्स्थापना की। इस अवसर पर श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान के अधिकारी एवं पूजाचार्यगण आदि विशेष रूप से उपस्थित थे।

हिन्दुस्थान समाचार / महेश कुमार