जनगणना के प्रथम चरण में होगी हाउस लिस्टिंग, 22 मई से ऑनलाइन भर सकेंगे स्व-गणना फार्म

 


सभी जिलाधिकारी शीघ्र ही जिला स्तर पर हीट एक्शन प्लान करें तैयारलखनऊ, 22 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने बुधवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी मण्डलायुक्तों एवं जिलाधिकारियों के साथ साप्ताहिक समीक्षा बैठक की।

बैठक में मुख्य सचिव एस.पी.गोयल ने जनगणना-2027 की तैयारियों की समीक्षा करते हुए सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को निर्देश दिए कि वे प्रथम चरण में हाउस लिस्टिंग करायें।

मुख्य सचिव ने बताया कि स्व-गणना प्रक्रिया के तहत नागरिक 07 मई से 21 मई के मध्य स्वयं अपने परिवार का विवरण ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज कर सकते हैं। उन्होंने निर्देश दिया कि व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से लोगों को ऑनलाइन स्व-गणना प्रपत्र भरने के लिए प्रोत्साहित किया जाए। इससे न केवल समय की बचत होगी,बल्कि डेटा की शुद्धता भी सुनिश्चित की जा सकेगी।

उन्होंने कहा कि नोडल संस्था उपाम के नेतृत्व में तैयार विस्तृत आउटरीच प्लान को प्रभावी ढंग से लागू किया जाए। इसके तहत छोटे वीडियो और पिक्चर कोलाज तैयार कर सोशल मीडिया पर नियमित रूप से साझा किए जाएं, ताकि जन-जागरूकता बढ़े, फील्ड गतिविधियों को प्रमुखता मिले और पूरे प्रदेश में बेहतर समन्वय स्थापित हो सके।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश में गो-आश्रय स्थलों का सुदृढ़ संचालन सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने निर्देश दिए कि अभियान चलाकर वर्ष पर्यन्त के लिए आवश्यकतानुसार दान एवं क्रय के माध्यम से भूसा एकत्रित कर अस्थायी रूप से खरही,कूप,खोप में सुरक्षित रखा जाए। दीर्घकालिक व्यवस्था के लिए स्थायी भूसा बैंकों की स्थापना की जाए।

उन्होंने यह भी सुझाव दिया कि गो-आश्रय स्थलों में उपलब्ध गोबर से तैयार खाद किसानों को उपलब्ध कराकर उसके बदले भूसा प्राप्त किया जा सकता है, जिससे संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित होगा।

उन्होंने चरागाह भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने पर विशेष बल देते हुए निर्देशित किया कि शत-प्रतिशत क्षेत्र में हाइब्रिड नेपियर घास की बुआई कराई जाए। साथ ही,चारा उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए गोशाला संचालकों एवं किसानों को प्रशिक्षित कराया जाए।

गर्मी एवं लू से बचाव के मद्देनजर उन्होंने गो-आश्रय स्थलों पर स्वच्छ पेयजल एवं पर्याप्त छाया की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।सभी गो-आश्रय स्थलों की निगरानी जनपद स्तर पर स्थापित कमांड कंट्रोल रूम के माध्यम की जाए।

उन्होंने कहा कि क्रय केंद्रों पर गेहूं विक्रय के लिए आने वाले किसानों को फार्मर रजिस्ट्री में पंजीकरण कराने के लिए किसी भी प्रकार का दबाव न बनाया जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए सार्वजनिक स्थानों पर आवश्यकतानुसार प्याऊ स्थापित किए जाएं।

हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन