छात्र संसद भारतीय लोकतंत्र का प्रथम सोपान, कर्तव्यनिष्ठा और सेवा भाव से निभाएं दायित्व : डॉ. आलोक त्रिपाठी

 




प्रयागराज, 21 जुलाई (हि.स.)। छात्र संसद भारतीय लोकतंत्र का प्रथम सोपान है। छात्र-छात्राओं को कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और सेवा भाव के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करना चाहिए। यह बातें मंगलवार को ज्वाला देवी सरस्वती विद्या मंदिर बालिका इंटर कॉलेज, सुभाषनगर ममफोर्डगंज में आयोजित छात्र संसद, शिशु भारती एवं कन्या भारती के शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए एडिशनल सीएससी, हाईकोर्ट एवं जिला बौद्धिक प्रमुख यमुनापार डॉ. आलोक त्रिपाठी ने कहीं।

उन्होंने कहा कि विद्यालय केवल ज्ञान देने का केंद्र नहीं, बल्कि व्यक्तित्व और मूल्यों के निर्माण का भी महत्वपूर्ण संस्थान है। मूल्यविहीन शिक्षा का कोई अर्थ नहीं होता। अपने संबोधन में डॉ. आलोक त्रिपाठी ने कहा कि छात्र संसद विद्यार्थियों में लोकतांत्रिक मूल्यों, नागरिक कर्तव्यों और नेतृत्व क्षमता का विकास करती है। विद्यालय में सीखे गए संस्कार, अनुशासन और सेवा की भावना भविष्य में समाज और राष्ट्र निर्माण की मजबूत आधारशिला बनते हैं।

कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन एवं पुष्पार्चन के साथ हुआ। अध्यक्षता हाईकोर्ट के अधिवक्ता श्रीनिवास राय ने की। समारोह में विद्यालय की प्रबंधिका अनुराधा दरबारी तथा प्रधानाचार्या बेबिका राय भी उपस्थित रहीं।

प्रधानाचार्या बेबिका राय ने अतिथियों का परिचय एवं स्वागत किया। इसके बाद मुख्य अतिथि डॉ. आलोक त्रिपाठी ने प्रधानमंत्री भैया अभिशीष पटेल, प्रधानमंत्री बहन राधिका मिश्रा, अध्यक्ष बहन मनुश्री सहित छात्र संसद, कन्या भारती एवं शिशु भारती के सभी निर्वाचित सांसदों को पद एवं कर्तव्यनिष्ठा की शपथ दिलाई।

प्रबंधिका अनुराधा दरबारी ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए कहा कि विद्यालय की छात्र संसद और देश की संसद में अनेक समानताएं हैं। यहां प्राप्त संस्कार, अनुशासन और लोकतांत्रिक परंपराएं आगे चलकर देश की संसदीय व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाएंगी तथा राजनीति का सकारात्मक स्वरूप देश सेवा में दिखाई देगा।

कन्या भारती प्रमुख सुगंधा सिंह ने बताया कि छात्र संसद एवं कन्या भारती का चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत निष्पक्ष एवं गुप्त मतदान से कराया गया, जिसमें 121 छात्र-छात्राओं का सांसद के रूप में चयन हुआ। इनमें से 30 सांसदों को मंत्रिपरिषद के लिए चुना गया है।

कार्यक्रम के अंत में शिशु भारती प्रमुख सरिता सिंह ने सभी अतिथियों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर विद्यालय के सभी आचार्य बंधु-भगिनी एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / रामबहादुर पाल