गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक संपन्न, महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मिली स्वीकृति

 








गोरखपुर, 30 मार्च (हि.स.)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कार्य परिषद की बैठक साेमवार काे कुलपति प्रो. पूनम टंडन की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में विश्वविद्यालय के शैक्षणिक एवं प्रशासनिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर विचार-विमर्श कर उन्हें अनुमोदित किया गया।

बैठक में विधि संकाय में चार सहायक आचार्य (संविदा) पदों पर चयन समिति द्वारा किए गए नियुक्ति के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की गई। इसके साथ ही वित्त समिति एवं विकास समिति द्वारा पारित सभी महत्वपूर्ण विषयों को भी कार्य परिषद ने अनुमोदन प्रदान किया।

एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत कार्य परिषद ने ‘एडजंक्ट प्रोफेसर’ की नियुक्ति के प्रस्ताव को भी अपनी सहमति दी। ‘प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस’ पद पर नियुक्ति हेतु प्रक्रिया प्रारंभ करने की मंजूरी के बाद कार्य परिषद ने विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के दिशा-निर्देशों के अनुरूप ‘एडजंक्ट फैकल्टी’ के चयन की प्रक्रिया को भी स्वीकृति प्रदान की।

इस योजना के अंतर्गत अनुसंधान संस्थानों के वैज्ञानिकों, विश्वविद्यालयों के सेवारत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों के विशेषज्ञों तथा विदेशी संस्थानों से जुड़े प्रवासी भारतीय विद्वानों को 6 माह से 3 वर्ष की अवधि के लिए एडजंक्ट प्रोफेसर के रूप में नियुक्त किया जा सकेगा। ये विशेषज्ञ विश्वविद्यालय में व्याख्यान, शोध एवं नवाचार गतिविधियों में योगदान देंगे, जिससे विद्यार्थियों को उनके अनुभव एवं विशेषज्ञता का लाभ प्राप्त होगा।

बैठक में लिए गए इन निर्णयों से विश्वविद्यालय में गुणवत्तापूर्ण शिक्षण, अनुसंधान और नवाचार को और अधिक सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति होने की उम्मीद है।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय