एसजीपीजीआई कर्मचारी महासंघ चुनाव में विवाद गहराया, महासंघ विरोधी पूर्व पदाधिकारियों की सदस्यता रद्द करने की मांग
--सीमा शुक्ला व धर्मेश कुमार की उम्मीदवारी पर लटकी तलवार, उम्मीदवारी रद्द करने की मांग
लखनऊ, 18 अप्रैल (हि.स.)। संजय गाँधी पीजीआई कर्मचारी महासंघ में 24 अप्रैल को प्रस्तावित चुनाव से पहले विवाद सामने आया है। महासंघ के एक पक्ष ने निवर्तमान महामंत्री धर्मेश कुमार और पूर्व नर्सिंग यूनियन अध्यक्ष सीमा शुक्ला की प्राथमिक सदस्यता रद्द कर नामांकन निरस्त करने की मांग की है।
महासंघ के अध्यक्ष जितेंद्र कुमार यादव और महामंत्री राम कुमार सिन्हा ने इस संबंध में उप श्रमायुक्त लखनऊ को एक शिकायती पत्र सौंपा है। जिसमें आरोप लगाया गया है कि दोनों ने चुनाव हारने के बाद ‘एसजीपीजीआई ऑल एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन’ बनाकर पंजीकृत यूनियनों के खिलाफ पत्राचार किया और उनके अस्तित्व को समाप्त करने का प्रयास किया। पत्र में कहा गया कि दोनों ने महासंघ पंजीकरण संख्या 10093 और नर्सिंग स्टाफ एसोसिएशन पंजीकरण संख्या 8723 को असंवैधानिक बताते हुए राज्यपाल, मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव व श्रमायुक्त को निरस्तीकरण के लिए पत्र लिखा था।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यह कृत्य महासंघ के विधान के उद्देश्यों के विपरीत है। विधान के बिंदु 9(ख) और (ग) के तहत अनुशासन भंग करने और यूनियन हितों के विपरीत आचरण पर सदस्यता रद्द करने का प्रावधान है। बिंदु 10 के अनुसार बकाया चंदा न देने पर भी सदस्यता स्वतः समाप्त मानी जाती है।
पत्र में मांग की गई है कि धर्मेश कुमार और सीमा शुक्ला की सदस्यता रद्द की जाए और 24 अप्रैल को होने वाले चुनाव में उप श्रमायुक्त कार्यालय से पर्यवेक्षक भेजा जाए ताकि चुनाव पारदर्शी व निष्पक्ष हो सके। साथ ही कहा गया कि चुनावी प्रक्रिया को श्रम कार्यालय में चुनौती देकर समय व्यर्थ न किया जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / मोहित वर्मा