एचसीएलटेक–आईआईटी कानपुर साझेदारी से शोध-आधारित नवाचार को बढ़ावा : निदेशक

 


कानपुर, 26 फरवरी (हि.स.)। आईआईटी कानपुर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, इंटेलिजेंट सिस्टम्स, रोबोटिक्स, साइबर सुरक्षा और अन्य उभरती प्रौद्योगिकियों पर मजबूत और व्यावहारिक शोध हो रहा है। एचसीएलटेक के साथ यह साझेदारी हमारे शोधकर्ताओं को वैश्विक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स की वास्तविक चुनौतियों पर काम करने का अवसर देगी। साथ ही शोध के लिए वित्तीय सहयोग और उद्योग से मार्गदर्शन भी प्राप्त होगा। यह समझौता अकादमिक शोध और उद्योग के बीच एक सशक्त सेतु का कार्य करेगा। यह बातें गुरुवार को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) कानपुर के निदेशक प्रो मणींद्र अग्रवाल ने कही।

एचसीएलटेक और आईआईटी कानपुर के बीच हुए इस समझौता ज्ञापन का उद्देश्य ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए अत्याधुनिक अनुसंधान को वास्तविक पायलट परियोजनाओं और बड़े स्तर पर लागू होने वाले समाधानों में परिवर्तित करना है। इस साझेदारी के माध्यम से उन्नत अभियांत्रिकी और डीप टेक के क्षेत्रों में शोध-आधारित नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। विशेष रूप से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और अगली पीढ़ी की प्रौद्योगिकियों पर केंद्रित अनुसंधान को व्यावहारिक अनुप्रयोगों से जोड़ा जाएगा।

यह पहल एचसीएलटेक को ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स के लिए एक विश्वसनीय भागीदार के रूप में स्थापित करती है। आईआईटी कानपुर के सशक्त अनुसंधान और स्टार्टअप इकोसिस्टम के साथ एचसीएलटेक के व्यापक समाधान जुड़ने से पारम्परिक प्रतिभा और सेवा मॉडलों से आगे बढ़कर नवाचार को गति मिलेगी। इसके तहत ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर्स जटिल अनुसंधान कार्यक्रमों को तेजी से आगे बढ़ा सकेंगे, बिना आंतरिक प्रयोगशालाएं स्थापित किए विशेष कौशलों तक पहुंच प्राप्त कर सकेंगे और उत्पादों व समाधानों के बाजार में पहुंचने की अवधि को कम कर सकेंगे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप