उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 से बुंदेलखंड में नवाचार और उद्यमिता को मिलेगा नया आयाम : आकांक्षा राना
झांसी, 08 जुलाई (हि.स.)।
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 को मंजूरी दिए जाने के बाद प्रदेश के साथ-साथ बुंदेलखंड के स्टार्टअप इकोसिस्टम को नई गति मिलने की उम्मीद है। झांसी स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में नगर आयुक्त आकांक्षा राना ने कहा कि यह नीति नवाचार, उद्यमिता और रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी। इसके माध्यम से स्टार्टअप्स, इनक्यूबेशन सेंटरों और डीप-टेक नवाचारों को व्यापक वित्तीय और तकनीकी सहयोग मिलेगा।
नगर आयुक्त ने बताया कि नई नीति के अंतर्गत स्टार्टअप्स को प्रोटोटाइप विकसित करने के लिए 20 लाख रुपये तक, सीड फंडिंग के रूप में 30 लाख रुपये तक, पेशेंट कैपिटल के तहत 100 करोड़ रुपये तक तथा अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) गतिविधियों के लिए 40 प्रतिशत तक वित्तीय सहायता का प्रावधान किया गया है। उन्होंने कहा कि बुंदेलखंड के पात्र स्टार्टअप्स को अतिरिक्त सीड फंडिंग और मासिक जीवन-निर्वाह भत्ता भी उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे क्षेत्र के युवा उद्यमियों को अपने नवाचारों को व्यवसाय में बदलने का बेहतर अवसर मिलेगा।
उन्होंने कहा कि नीति में इनक्यूबेशन सेंटरों को भी विशेष प्रोत्साहन दिया गया है। सामान्य क्षेत्रों के इनक्यूबेटरों को 1.25 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत अनुदान तथा बुंदेलखंड एवं पूर्वांचल के इनक्यूबेटरों को 1.50 करोड़ रुपये तक का पूंजीगत अनुदान मिलेगा। इसके अलावा 40 लाख रुपये प्रतिवर्ष तक परिचालन अनुदान की व्यवस्था की गई है, जिससे स्टार्टअप्स को बेहतर अवसंरचना, विशेषज्ञ मार्गदर्शन और आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए जा सकेंगे।
नीति में डीप-टेक नवाचारों को भी विशेष महत्व दिया गया है। इसके तहत प्रदेश में 20 सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जाएंगे, जिनके लिए 12 करोड़ रुपये तक की प्रोत्साहन राशि निर्धारित की गई है। साथ ही डीप-टेक यू-हब की स्थापना तथा 1,000 करोड़ रुपये के स्टार्टअप फंड का गठन किया जाएगा, जिससे शुरुआती चरण के नवाचार आधारित उद्यमों को पूंजी उपलब्ध हो सकेगी।
RISE इन्क्यूबेशन सेंटर के निदेशक अमित सिंह ने कहा कि उत्तर प्रदेश स्टार्टअप नीति-2026 बुंदेलखंड के लिए परिवर्तनकारी साबित होगी। इससे स्थानीय स्टार्टअप्स और इनक्यूबेशन सेंटरों को अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलेगा तथा झांसी और बुंदेलखंड को देश के अग्रणी स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने में मदद मिलेगी।
नगर आयुक्त आकांक्षा राना ने युवाओं, नवाचारकर्ताओं और उद्यमियों से स्टार्टअप नीति-2026 का अधिकतम लाभ उठाने और अपने नवाचारों को सफल उद्यमों में बदलने के लिए RISE इन्क्यूबेशन सेंटर, झांसी से जुड़ने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि सेंटर ने अपने RAMP 2.0 कार्यक्रम के लिए आवेदन भी आमंत्रित किए हैं। इस कार्यक्रम के तहत चयनित स्टार्टअप्स को मेंटरशिप, बिजनेस डेवलपमेंट सपोर्ट, नेटवर्किंग तथा विभिन्न सरकारी योजनाओं और निवेश के अवसरों तक पहुंच उपलब्ध कराई जाएगी।
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हिन्दुस्थान समाचार / महेश पटैरिया