उत्तर प्रदेश में होगी उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम की मूलभूत साक्षरता परीक्षा
लखनऊ, 19 सितंबर (हि.स.)। भारत सरकार की केन्द्र पुरोनिधानित योजना ‘उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम’ के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 की प्रथम मूलभूत साक्षरता परीक्षा का आयोजन प्रदेश के समस्त जनपदों में 20 सितम्बर को किया जाएगा। परीक्षा में 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के लगभग 5.10 लाख असाक्षर प्रतिभाग करेंगे।
प्रदेश के बेसिक शिक्षा राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) संदीप सिंह ने बताया कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान प्रदान कर उन्हें साक्षर बनाना है। कार्यक्रम के अंतर्गत महिलाओं की 75 प्रतिशत तथा पुरुषों की 25 प्रतिशत भागीदारी का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
बेसिक शिक्षा निदेशक अनिल भूषण चतुर्वेदी ने बताया कि वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रदेश में 15वर्ष की आयु वर्ग के कुल 10 लाख असाक्षरों को साक्षर करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। भारत सरकार के निर्देशानुसार इस वित्तीय वर्ष में दो चरणों में, क्रमशः सितम्बर एवं मार्च माह में मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की जानी है। इसी क्रम में प्रथम चरण की परीक्षा 20 सितम्बर को आयोजित होगी।
उल्लास पोर्टल पर उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार प्रदेश के विभिन्न जनपदों में लगभग 5.10 लाख 15 वर्ष की आयु वर्ग के असाक्षरों को इस परीक्षा में प्रतिभाग कराया जाएगा। परीक्षा के माध्यम से अभ्यर्थियों में विकसित मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया जाएगा।
परीक्षा के सफल एवं सुचारु संचालन के लिए प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित साक्षरता परीक्षा केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। जनपद स्तर पर परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण एवं पर्यवेक्षण के लिए समस्त मंडलीय सहायक शिक्षा निदेशक (बेसिक) एवं जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय