आधुनिक आधारभूत सुविधाओं से बुंदेलखंड के कृषि विकास को मिलेगी नई गति : शाही
बांदा कृषि विश्वविद्यालय में 54 नवनिर्मित आवासों का लोकार्पण
बांदा, 02 जुलाई (हि.स.)।उत्तर प्रदेश के कृषि, कृषि शिक्षा एवं कृषि अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने गुरुवार को बांदा कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का दौरा कर विश्वविद्यालय परिसर में लगभग 26.84 करोड़ रुपये की लागत से निर्मित 54 आवासीय भवनों का लोकार्पण किया। इस दौरान उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न निर्माण परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समय-सीमा के भीतर उच्च गुणवत्ता के साथ कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
मंत्री ने सी. एंड डी. एस. द्वारा 1359.58 लाख रुपये की लागत से निर्मित टाइप-3 के 36 आवासों तथा यू.पी.पी.सी.एल. द्वारा 1324.76 लाख रुपये की लागत से निर्मित टाइप-4 के 18 आवासीय भवनों का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आधुनिक एवं सर्वसुविधायुक्त आधारभूत ढांचे का विकास केवल भवन निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि यह कृषि शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार को नई दिशा एवं गति प्रदान करता है। उन्होंने कहा कि बांदा कृषि विश्वविद्यालय बुंदेलखंड के किसानों के लिए रीढ़ की हड्डी के समान है और यहां किए जा रहे निर्माण एवं अनुसंधान कार्यों का सीधा लाभ क्षेत्र की कृषि और ग्रामीण विकास को मिलना चाहिए।
इसके उपरांत आयोजित समीक्षा बैठक में डॉ. नरेन्द्र सिंह निदेशक प्रशासन एवं अनुश्रवण, डॉ. एन. के. बाजपेयी निदेशक प्रसार, डॉ. जी. एस. पंवार अधिष्ठाता, कृषि महाविद्यालय, डॉ. एस. वी. द्विवेदी अधिष्ठाता, उद्यान महाविद्यालय, डॉ. जगन्नाथ पाठक निदेशक शोध, डॉ. सुनील कुमार सहायक सम्पत्ति अधिकारी तथा डॉ. दिनेश गुप्ता सहायक निदेशक, प्रशासन एवं अनुश्रवण सहित संबंधित अधिकारियों ने प्रतिभाग किया।
बैठक में सी. एंड डी. एस. के परियोजना प्रबंधक रंजीत सिंह, यू.पी.पी.सी.एल. के परियोजना प्रबंधक अमर सिंह राठौर, सहायक परियोजना प्रबंधक शैलेन्द्र सिंह राजपूत, यू.पी.आर.एन.एस.एस. के सहायक अभियंता प्रेमलाल तथा लोक निर्माण विभाग के सहायक अभियंता रामानन्द सिंह भी उपस्थित रहे।
समीक्षा के दौरान मंत्री ने निर्देश दिए कि सभी निर्माण कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण किए जाएं तथा गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने विश्वविद्यालय प्रशासन एवं निर्माण एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर भी बल दिया ताकि किसी भी तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधा का त्वरित समाधान सुनिश्चित किया जा सके।
अंत में कुलपति प्रो. एस. वी. एस. राजू ने मंत्री को आश्वस्त किया कि उनके सभी निर्देशों का अक्षरशः पालन किया जाएगा तथा विश्वविद्यालय को कृषि शिक्षा, अनुसंधान एवं नवाचार के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों में स्थापित करने के लिए निरंतर प्रयास जारी रहेंगे।
हिन्दुस्थान समाचार / अनिल सिंह