अखिलेश पर जयंत का पलटवार: बोले- एबीसीडी के बाद भी बहुत कुछ आता है, समय आने पर दिखाएंगे
बागपत, 27 अगस्त (हि.स.)। बागपत पहुंचे केंद्रीय राज्यमंत्री और रालोद प्रमुख जयंत चौधरी ने गुरुवार को खेकड़ा में समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया। उन्होंने कहा कि “एबीसीडी के बाद भी बहुत कुछ आता है, समय आने पर दिखा देंगे।” साथ ही कार्यकर्ताओं से संयम बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि किसी को भी “लक्ष्मण रेखा” पार नहीं करनी चाहिए।
जयंत चौधरी खेकड़ा स्थित गांधी विद्यालय इंटर कॉलेज में ‘प्रोजेक्ट पुस्तकालय’ के तहत आनंदया फाउंडेशन द्वारा तैयार लाइब्रेरी के उद्घाटन कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने राजनीतिक मर्यादा बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि विरोध अपनी जगह है, लेकिन भाषा और व्यवहार की सीमाएं नहीं टूटनी चाहिए।
पोस्टर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि उन्हें यह जानकारी नहीं है कि पोस्टर किसने लगाए। वहीं एनडीए में रालोद को ज्यादा सीटें मिलने संबंधी अखिलेश यादव के बयान पर व्यंग्य करते हुए बोले, “क्या उन्हें ही पैरवी के लिए भेज दें?”
चीनी के बढ़ते दामों के मुद्दे पर जयंत चौधरी ने कहा कि नया गन्ना सीजन शुरू होने वाला है और गन्ना किसानों की मेहनत से ही घर-घर मिठास पहुंचती है। इससे न सिर्फ किसान बल्कि चीनी मिलों के श्रमिक और पूरी इंडस्ट्री लाभान्वित होती है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि किसानों के हितों की बात करने के बजाय महंगाई के नाम पर भ्रम फैलाया जा रहा है।
यूजीसी मामले पर उन्होंने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश का पालन किया जा रहा है। साथ ही प्रधानमंत्री से मुलाकात का जिक्र करते हुए कहा कि चौधरी चरण सिंह के आदर्शों को नई पीढ़ी से जोड़ना जरूरी है।
उन्होंने शिक्षा व्यवस्था पर भी बात करते हुए कहा कि स्कूलों को बेहतर बनाना केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, इसमें अभिभावकों और छात्रों की भी भागीदारी जरूरी है। इसी सोच के तहत 36 स्कूलों में ‘प्रोजेक्ट पुस्तकालय’ के माध्यम से लाइब्रेरी विकसित की गई हैं।
कार्यक्रम से पहले जयंत चौधरी ने खेकड़ा में रणजीत सिंह और बसी गांव में 108 वर्षीय छोटूराम की तेहरवीं में शामिल होकर श्रद्धांजलि दी। इसके बाद वे छात्रों और खिलाड़ियों से संवाद करते हुए उनकी जरूरतों के बारे में जानकारी ली। कार्यक्रम के पश्चात वह बागपत स्थित चौधरी अजित सिंह ज्ञान वाटिका (जाट भवन) भी पहुंचे।
हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी