युवाओं को तकनीक और उद्यमिता से जोड़कर नए रोजगार हाेंगे सृजित : सूर्य प्रताप शाही

 


कानपुर, 27 मार्च (हि.स.)। युवाओं को तकनीक के जरिए अपने उद्यम स्थापित करने चाहिए और कृषि आधारित उद्योगों को बढ़ावा देना होगा। प्रदेश में एमएसएमई और कृषि के संयुक्त प्रयासों से नए रोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं। सरकार युवाओं को स्वरोजगार के लिए लगातार प्रोत्साहित कर रही है। दलहन-तिलहन के उत्पादन बढ़ाने और पोषण सुधार पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है। यह बातें शुक्रवार को उत्तर प्रदेश सरकार के कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कही।

चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय के मुख्य परिसर में गोल्डन जुबली वर्ष के अवसर पर तीन दिवसीय उद्यमिता कॉनक्लेव का शुभारम्भ दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। कार्यक्रम में कुलपति के. विजयेंद्र पांडियन ने अतिथियों का स्वागत किया और विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। इस अवसर पर विश्वविद्यालय ने एचवीटीयू, आईआईटी कानपुर और एफएफडीसी कन्नौज के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए। साथ ही एमएसएमई और विश्वविद्यालय के इतिहास पर आधारित एक लघु फिल्म का प्रदर्शन भी किया गया। प्रदर्शनी में 150 से अधिक स्टॉल लगाए गए, जिनमें विभिन्न आधुनिक तकनीकों और नवाचारों का प्रदर्शन किया गया।

विशिष्ट अतिथि और प्रदेश सरकार के लघु, सूक्ष्म, खादी एवं ग्रामोद्योग मंत्री राकेश सचान ने कहा कि प्रदर्शनी के माध्यम से युवाओं को विशेषज्ञों के व्याख्यान सुनने का अवसर मिलेगा, जिससे वे आगे बढ़ने के लिए प्रेरित होंगे। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 19 लाख 40 हजार युवाओं को ऋण देकर आत्मनिर्भर बनाया गया है।

कार्यक्रम में मैन्युफैक्चरिंग, फूड टेक्नोलॉजी और टेक्सटाइल सहित कई क्षेत्रों पर चर्चा की जा रही है। मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने दलहन और तिलहन के उत्पादन बढ़ाने पर जोर देते हुए कुपोषण समाप्त करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पोषक आहार उपलब्ध कराने की बात कही। उन्होंने युवाओं से तकनीक के जरिए अपने उद्यम स्थापित करने का आह्वान किया।

इस दौरान वैज्ञानिकों द्वारा रचित तीन पुस्तकों का विमोचन भी किया गया। कार्यक्रम में एचवीटीयू के कुलपति प्रो. शमशेर, विधायक सुरेंद्र मैथानी, विधायक नीलिमा कटियार, डॉ. वीके त्रिपाठी, डॉ. कौशल कुमार, डॉ. महक सिंह, डॉ. आरके सिंह और डॉ. संजय सिंह सहित कई अधिकारी और वैज्ञानिक उपस्थित रहे। अंत में कुलपति के. विजयेंद्र पांडियन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप