चंद्रशेखर आजाद के आदर्शों को जीवन में उतारें युवा : राकेश कुमार मिश्रा
कानपुर, 23 जुलाई (हि.स.)। चंद्रशेखर आजाद का जीवन मातृभूमि के प्रति समर्पण, निर्भीकता और आत्मबल का अनुपम उदाहरण है। यह बातें गुरुवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने शिक्षा विभाग में आयोजित अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की जयंती समारोह में कहीं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग में गुरुवार को महान क्रांतिकारी एवं अमर शहीद चंद्रशेखर आजाद की 120वीं जयंती पर प्रेरणादायी कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा एवं अन्य अतिथियों ने चंद्रशेखर आजाद के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया।
कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा ने अपने संबोधन में कहा कि चंद्रशेखर आजाद ने स्वतंत्रता संग्राम में अद्वितीय साहस और त्याग का परिचय दिया। उनका संपूर्ण जीवन राष्ट्रभक्ति, आत्मसम्मान और संघर्ष का प्रतीक रहा, जिससे आज की युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. तनुजा भट्ट ने कहा कि चंद्रशेखर आजाद का व्यक्तित्व केवल इतिहास का गौरव नहीं, बल्कि वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उन्होंने विद्यार्थियों से राष्ट्रनिष्ठा, अनुशासन और कर्तव्यपरायणता को अपने जीवन में अपनाने का आह्वान किया।
हिंदी विभाग के डॉ. श्री प्रकाश ने स्वतंत्रता सेनानियों को समर्पित ओजस्वी कविता का पाठ किया। वहीं डॉ. रश्मि गोरे, डॉ. स्नेह पांडेय और डॉ. रत्नर्तु मिश्रा ने अपने विचारों और प्रेरक प्रसंगों के माध्यम से विद्यार्थियों को राष्ट्रसेवा, ईमानदारी, अनुशासन और सामाजिक उत्तरदायित्व का संदेश दिया।
एम.एड. तृतीय सेमेस्टर की छात्राओं मंजुला, शिखा सिंह, शिखा तिवारी, प्रतिमा तथा छात्र विष्णु ने भी चंद्रशेखर आजाद के जीवन, साहस और बलिदान पर अपने विचार व्यक्त किए। कार्यक्रम के अंत में डॉ. बद्रीनारायण मिश्रा ने धन्यवाद ज्ञापित किया। समारोह में शिक्षक, शोधार्थी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे तथा सभी ने महान क्रांतिकारी के आदर्शों पर चलने का संकल्प लिया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप