इंटरनेशनल ट्रेड शो में पांच दिन तक वन विभाग के आउटलेट पर जुटे युवा
नोएडा, 29 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो के पांचों दिन वन विभाग का आउटलेट युवाओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा। अंतिम दिन भी यहां पहुंचे युवा उत्तर प्रदेश की वन्यजीव और वनस्पति संपदा को करीब से जानने में जुटे रहे। हाथी, हिरण और सांपों की विभिन्न प्रजातियों से लेकर सागौन, शीशम, बबूल, खैर और अर्जुन जैसे पेड़ों की जानकारी ने युवाओं को यह सोचने पर मजबूर किया कि जिस प्रदेश को वे अब तक उद्योग, निवेश और एक्सप्रेसवे के लिए जानते थे, उसकी प्रकृति भी उतनी ही समृद्ध है।
मेरठ की निवासी छात्रा सुनैना ने कहा कि ट्रेड शो में वन विभाग के आउटलेट पर आकर उसे पहली बार प्रदेश की वन संपदा के बारे में इतनी जानकारी मिली। सोनभद्र, ललितपुर, लखीमपुर और बहराइच में संचालित 22 वन धन केंद्रों के बारे में जानना उसके लिए बिल्कुल नया अनुभव था। उसने कहा, हमें अपने ही प्रदेश के बारे में बहुत सी ऐसी बातें यहां आकर पता चलीं, जिनकी पहले जानकारी नहीं थी।
नोएडा की रहने वाली ओजस्वी ने कहा कि ट्रेड शो में दूसरे आउटलेट जहां कारोबार और उत्पादों की जानकारी दे रहे थे, वहीं वन विभाग के आउटलेट ने उसे प्रकृति से जोड़ा। यहां आकर लगा कि हमारा यूपी सिर्फ उद्योगों और बड़े शहरों का प्रदेश नहीं है। यहां वन्यजीवों और पेड़-पौधों की भी इतनी बड़ी दुनिया है।
मेरठ के निवासी छात्र रवि कुमार ने बताया कि बबूल, सागौन, खैर और अर्जुन जैसे पेड़ उनके आसपास दिखाई देते हैं, लेकिन उनके महत्व और संरक्षण की जानकारी उन्हें यहां आकर मिली। उन्होंने कहा कि रोज दिखाई देने वाले पेड़ों को अब वह अलग नजरिए से देखेंगे।
पांच दिन तक चले प्रदर्शन में मेरठ, लखनऊ और प्रयागराज क्षेत्र की वन संपदा को भी अलग-अलग तरीके से सामने रखा गया। युवाओं को बताया गया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ क्षेत्र में बबूल, सागौन, खैर और अर्जुन जैसी प्रजातियां प्रमुखता से मिलती हैं, जबकि प्रदेश के दूसरे हिस्सों में वनस्पतियों की अलग विविधता देखने को मिलती है। इससे युवाओं को प्रदेश के भौगोलिक क्षेत्रों के साथ वनस्पति विविधता को समझने का अवसर मिला।
वन्यजीवों की जानकारी के साथ जंगलों में आग लगने के कारण और मानवीय लापरवाही से होने वाले नुकसान को भी समझाया गया। छोटी-सी गलती से जंगल और वन्यजीवों को होने वाले नुकसान के प्रति युवाओं को जागरूक किया गया। वन महोत्सव और पौधारोपण के जरिए हरियाली बढ़ाने के प्रयासों की जानकारी भी दी गई।
आउटलेट पर गंगा एक्सप्रेसवे के दोनों ओर पौधरोपण और हरित क्षेत्र विकसित करने की योजना की जानकारी भी युवाओं को दी गई। इसके साथ वन संरक्षण, वन महोत्सव और आरा मशीनों की संख्या में कमी जैसे प्रयासों को भी प्रदर्शित किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में प्रदेश के औद्योगिक विकास के साथ पर्यावरण और वन संरक्षण को भी प्राथमिकता देने का संदेश ट्रेड शो में दिखाई दिया।
हिन्दुस्थान समाचार / सुरेश चौधरी