उद्यमिता व रोजगार का हब बन रहा गोरखपुर
गोरखपुर, 23 मार्च (हि.स.)। नौ साल पहले तक राज्य के पूर्वी इलाके के नौजवानों के सामने रोजी रोजगार के अवसर कम होने से अन्यत्र जगहों पर पलायन की मजबूरी थी पर, अब तस्वीर बदल चुकी है। शिक्षा और रोजगार के भरपूर अवसर मिलने से अब युवाओं का पलायन रुक गया है। नौ सालों में गीडा की औद्योगिक प्रगति से जहां करीब पचास हजार युवाओं को रोजगार मिला तो वहीं मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) से जुड़कर 2250 नौजवान अपना उद्यम शुरू कर दूसरे लोगों को भी रोजगार दे रहे हैं।
औद्योगिक विकास की स्थिति लचर होने के चलते एक लंबे दौर तक गोरखपुर में युवाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार हासिल करना चुनौतीपूर्ण कार्य था। योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद बीते नौ सालों से हुए तीव्र औद्योगिक विकास ने नौजवानों के लिए स्थानीय स्तर पर ही रोजगार का सृजन किया है। अकेले गोरखपुर औद्योगिक विकास प्राधिकरण (गीडा) क्षेत्र में करीब बारह हजार करोड़ रुपये के निवेश से पचास हजार रोजगार सृजित हुए। स्थानीय उद्योगों में कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने के लिए सरकार के प्रयास से नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ इलेक्ट्रॉनिक्स एंड इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (नाइलिट) का एक सेंटर भी गीडा में खुल गया है। आने वाले समय के लिए हजारों करोड़ रुपये की निवेश परियोजनाओं को धरातल पर उतारने की तैयारी की जा रही है। इससे युवाओं को अपने क्षेत्र में रोजगार के नए और व्यापक अवसर मिलेंगे।
युवाओं को उद्यमिता से जोड़ने और उन्हें आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के लिए मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान (सीएम युवा) कम समय में ही काफी प्रभावकारी साबित हुआ है। 24 जनवरी 2025 को प्रारंभ इस योजना के अंतर्गत 40 वर्ष तक के युवाओं को खुद का उद्यम लगाने या सेवा क्षेत्र का कार्य करने को पांच लाख रुपये तक का ऋण बिना ब्याज और बिना गारंटी के दिया जाता है। गोरखपुर में अबतक 2250 युवाओं को सीएम युवा योजना के तहत बैंक से ऋण वितरित किया जा चुका है। सीएम युवा योजना से ऋण लेकर खुद का प्लेवे स्कूल संचालित कर रहीं अनीता मद्धेशिया खुद स्वावलंबी होने के साथ चार लोगों के लिए रोजगार प्रदाता भी बन गई हैं। अनीता की तरह अन्य लाभार्थी भी जॉब सीकर की बजाय जॉब क्रिएटर की भूमिका को चरितार्थ कर रहे हैं।
हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय