सिंधी भाषा हमारी अस्मिता और सांस्कृतिक विरासत की धरोहर: देवा केशवानी

 

गोरखपुर, 10 अप्रैल (हि.स.)। युवा सिंधी समाज की ओर से शुक्रवार को सिंधी धर्मशाला, जटाशंकर में सिंधी भाषा दिवस हर्षोल्लास, उत्साह और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। कार्यक्रम में समाज के युवा, वरिष्ठजन और अनेक गणमान्य लोगों की उपस्थिति रही। आयोजन के माध्यम से सिंधी भाषा की समृद्ध परम्परा, सांस्कृतिक विरासत और नई पीढ़ी में उसके संरक्षण के महत्व को रेखांकित किया गया।

युवा सिंधी समाज के महामंत्री देवा केशवानी ने कहा कि सिंधी भाषा हमारी पहचान, हमारी संस्कृति और हमारी जड़ों का आधार है। इसे सुरक्षित रखना समाज के प्रत्येक व्यक्ति का दायित्व है। उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे अपनी मातृभाषा पर गर्व करें और उसे अपने जीवन व्यवहार में स्थान दें। उन्होंने कहा कि युवा सिंधी समाज भविष्य में भी ऐसे आयोजनों के माध्यम से भाषा और संस्कृति के संरक्षण का कार्य निरंतर करता रहेगा।

कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों, विचार-विमर्श और वक्तव्यों के जरिए सिंधी भाषा के महत्व पर प्रकाश डाला गया। वक्ताओं ने कहा कि मातृभाषा केवल अभिव्यक्ति का माध्यम नहीं होती, बल्कि वह समाज की पहचान, इतिहास और संस्कारों की संवाहक भी होती है। सभी उपस्थितजनों ने सिंधी भाषा को सहेजने और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का संकल्प लिया।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से कमल मनझानी, नरेश कर्मचंदानी, हरीश कर्मचंदानी, मनोज सचदेवा, विक्की कुकरेजा, विजय नेभानी, वाशु पहूजा, इशू लखमानी, अनिल सहित अनेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / प्रिंस पाण्डेय