बीमार माता-पिता के लिए गैस सिलेंडर लेने शाहजहांपुर से बाराबंकी पहुंचा बेटा

 

बाराबंकी, 19 मार्च (हि.स.)। बाराबंकी में गैस सिलेंडर की भीषण किल्लत के कारण, शाहजहांपुर से एक बेटा (अरुण) अपने बीमार माता-पिता के लिए एक सिलेंडर हासिल करने हेतु 200 किमी दूर से आया। सुबह 3 बजे से लाइन में लगे इस युवक की कहानी उत्तर प्रदेश में गैस की भारी किल्लत और प्रणालीगत विफलता को उजागर करती है, जिस पर सोशल मीडिया में तीखी प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।

जिले में गैस सिलेंडर की किल्लत और बढ़ती कीमतों का असर आम लोगों की जिंदगी पर साफ दिखाई देने लगा है। बरेठी निवासी अरुण कुमार अपने बीमार माता-पिता के लिए गैस सिलेंडर लेने बुधवार सुबह 3 बजे से लाइन में लगे। अरुण की मां को ब्रेन हेमरेज है, जबकि पिता कैंसर से पीड़ित हैं। दोनों लंबे समय से बिस्तर पर हैं। परिवार की पूरी जिम्मेदारी अरुण कुमार के कंधों पर है। उनकी दो छोटी बेटियां भी हैं, जो पढ़ाई कर रही हैं। अरुण शाहजहांपुर में माली का काम करते हैं और वहीं से परिवार का खर्च चलाते हैं। घर में खाना बनाने के लिए कुछ भी न बचने पर, वह काम से एक दिन की छुट्टी लेकर गांव आए। वह सुबह 2 बजे घर से करीब 8 किलोमीटर चलकर अमित गैस एजेंसी पहुंचे और 3 बजे से लाइन में खड़े हो गए। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन पहले ही गैस सिलेंडर बुक कराया था, लेकिन अब तक सिलेंडर नहीं मिल पाया है। एजेंसी सुबह 10 बजे खुलेगी, जिसके बाद गैस मिलने की उम्मीद है। अरुण कुमार का कहना है कि गैस की बढ़ती कीमत और आपूर्ति में देरी के कारण उनके जैसे गरीब परिवारों के लिए रोजमर्रा का खाना बनाना भी मुश्किल होता जा रहा है।

जिलापूर्ति अधिकारी राकेश तिवारी ने बताया कि इस घटना की जानकारी मिलने पर जांच पड़ताल के बाद उक्त गैस एजेंसी से पूछा गया तो बताया कि कनेक्शन धारक अरुण कुमार को उसी दिन गैस दे दी गई थी। उसको एजेंसी का मोबाइल नम्बर भी दे दिया गया है कि तुम्हारे परिवार को जब जरूरत हो कॉल कर बताया जाय उसके बाद गैस घर पहुंचा दी जाएगी।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी