रक्षाबंधन पर बहनों की सुरक्षित यात्रा के लिए योगी सरकार तैयार
रक्षाबंधन पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नशे में वाहन चलाने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
निजी वाहनों के चालकों का सत्यापन अनिवार्य, यातायात नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती
बसों की फिटनेस जांच, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित रखने पर विशेष जोर
योगी सरकार रक्षाबंधन पर बहनों को एक सहयात्री के साथ रोडवेज बसों में निशुल्क यात्रा की दे रहीसुविधा
वाराणसी,26 अगस्त
रक्षाबंधन पर्व पर बहनों की सुरक्षित और सुगम यात्रा को लेकर योगी सरकार सख़्त हैं। पर्व पर यात्रियों की बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों समेत निजी बसों, टैक्सियों और ई-रिक्शा के सुरक्षित संचालन को लेकर सख्त निर्देश दिए गए हैं। बसों की फिटनेस जांच से लेकर चालकों के नशामुक्त संचालन तक, यातायात व्यवस्था को सुरक्षित रखने पर विशेष ज़ोर दिया जा रहा है। योगी सरकार रक्षाबंधन पर बहनों के लिए रोडवेज बसों में महिलाओं को एक सहयात्री के साथ 27 अगस्त सुबह 6 बजे से ,29 अगस्त की मध्यरात्रि 12 बजे तक निशुल्क यात्रा की सुविधा दे रही।
रक्षाबंधन पर महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में बहनें अपने भाइयों के घर पहुंचती हैं। ऐसे में सरकार की कोशिश है कि पर्व की खुशियों के बीच उनकी यात्रा भी सुरक्षित और सुगम रहे। इसी उद्देश्य से परिवहन और यातायात व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को पहले से सतर्क रहने और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराने के निर्देश दिए गए हैं। योगी सरकार ने रक्षाबंधन पर यात्रा करने वाली महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं।
बसों की फिटनेस जांच और चालकों के नशामुक्त संचालन पर जोर
क्षेत्रीय प्रबंधक परशुराम पांडेय ने बताया कि रक्षाबंधन के दौरान महिलाओं और बच्चों की बड़ी संख्या में यात्रा को देखते हुए निगम की सभी बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की पहले ही जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। यह सुनिश्चित किया जाएगा कि कोई भी खराब या असुरक्षित बस यात्रियों को लेकर सड़क पर न चले। बसों के संचालन में किसी तरह की तकनीकी लापरवाही न हो, इसके लिए संबंधित अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चालकों और परिचालकों की ड्यूटी से पहले जांच भी की जाएगी। खास तौर पर यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि कोई भी चालक या परिचालक नशे की हालत में ड्यूटी पर न हो।
निजी वाहनों के चालकों का सत्यापन अनिवार्य
उन्होंने जानकारी दी कि निजी बसों के संचालकों को भी अपने चालकों और परिचालकों का पुलिस अथवा चरित्र सत्यापन कराने तथा टैक्सी और ई-रिक्शा संचालकों को भी चालकों का आवश्यक सत्यापन कराने का निर्देश है।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर होगी सख्ती
सुरक्षित यातायात के लिए जिला प्रशासन और पुलिस के समन्वय से सड़क सुरक्षा, रूट डायवर्जन और यातायात नियमों का पालन कराया जाएगा। गति सीमा के उल्लंघन पर सख्ती के साथ माल वाहनों व ट्रैक्टर-ट्रॉली में यात्रियों के अनधिकृत परिवहन, तेज आवाज वाले डीजे, अवैध बदलाव, ओवरलोडिंग और ओवरस्पीडिंग के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।