योग एवं आयुर्वेद के समन्वय से स्वस्थ समाज का निर्माण संभव : प्रो. विनय कुमार पाठक

 


कानपुर, 09 जून (हि.स.)। योग केवल व्यायाम नहीं बल्कि जीवन को संतुलित और स्वस्थ बनाने वाली संपूर्ण जीवन पद्धति है। योग और आयुर्वेद के समन्वय से स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है तथा युवाओं को नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक चेतना से जोड़ने में सामाजिक संस्थाओं की महत्वपूर्ण भूमिका हो सकती है। यह बातें मंगलवार को छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने विश्वविद्यालय और नीमा के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित योग पखवाड़े के उद्घाटन समारोह में कहीं।

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस-2026 के उपलक्ष्य में आज विश्वविद्यालय परिसर स्थित सेनानायक तात्या टोपे सभागार में योग पखवाड़े का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम के दौरान आगामी दिनों में आयोजित होने वाले योग शिविरों, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रमों, व्याख्यानों और कार्यशालाओं की रूपरेखा प्रस्तुत की गई।

कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि विश्वविद्यालय में अध्ययनरत लगभग 17 हजार विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास में सामाजिक एवं आध्यात्मिक संगठनों का महत्वपूर्ण योगदान हो सकता है। उन्होंने विभिन्न संस्थाओं से विद्यार्थियों को जीवन मूल्यों, नैतिकता और सकारात्मक सोच से जोड़ने का आह्वान किया। उन्होंने विश्वविद्यालय में संचालित बीएससी योग, एमएससी योग, पीजी डिप्लोमा इन योग तथा एमए योग पाठ्यक्रमों की जानकारी देते हुए कहा कि ये पाठ्यक्रम विद्यार्थियों के शारीरिक, मानसिक और आर्थिक विकास में सहायक हैं।

मुख्य अतिथि क्षेत्रीय आयुर्वेद एवं यूनानी अधिकारी डॉ. कप्तान सिंह ने कहा कि योगिक जीवनशैली और आयुर्वेद आधारित आहार स्वास्थ्य संरक्षण और रोगों की रोकथाम में प्रभावी भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में स्वास्थ्य संवर्धन के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं।

प्रति कुलपति प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी ने अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की थीम ‘योग फॉर हेल्दी एजिंग’ पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नियमित योगाभ्यास वृद्धावस्था को स्वस्थ और सक्रिय बनाने में सहायक है। योग पखवाड़ा समन्वयक डॉ. रामकिशोर ने कार्यक्रमों की जानकारी देते हुए बताया कि योग पाठ्यक्रमों में प्रवेश प्रक्रिया अंतिम चरण में है और अभ्यर्थियों को पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर प्रवेश दिया जा रहा है।

नीमा वूमेन फोरम की सचिव डॉ. वंदना पाठक ने योग और आयुर्वेदिक आहार की उपयोगिता पर चर्चा की। उद्घाटन समारोह के बाद ईशा फाउंडेशन की ओर से ध्यान कार्यशाला का आयोजन भी किया गया। कार्यक्रम में नीमा के पदाधिकारियों, विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, शिक्षकों तथा बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप