यमुना नदी तट के बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण व स्नान कुंड जीर्णोद्धार की उठी मांग

 


औरैया, 22 फरवरी (हि . स.)। समाजसेवी संगठन एक विचित्र पहल सेवा समिति उत्तर प्रदेश के औरैया द्वारा यमुना तट की समस्याओं को लेकर रविवार प्रातः 7 बजे तट स्थित राम झरोखा पर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता संस्था के अध्यक्ष राजीव पोरवाल (रानू) ने की।

बैठक में यमुना तट पर स्थित बदहाल अंत्येष्टि स्थलों के समतलीकरण तथा क्षतिग्रस्त स्नान कुंड के जीर्णोद्धार पर विस्तार से चर्चा की गई। समिति के संस्थापक आनन्द नाथ गुप्ता (एडवोकेट) ने बताया कि हाल ही में आई बाढ़ के कारण यमुना नदी का जलस्तर बढ़ने से अंत्येष्टि स्थल गड्ढों में तब्दील हो गए हैं, जिससे लोगों को अपने परिजनों की अंत्येष्टि करने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

उन्होंने कहा कि हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार अंत्येष्टि के बाद स्नान की परंपरा है, किंतु तट पर स्थित स्नान कुंड अत्यंत क्षतिग्रस्त है, जिससे दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। प्रतिदिन औरैया नगर व आसपास ग्रामीण क्षेत्रों से लगभग दस अंत्येष्टियां यहां संपन्न होती हैं, जिनमें बड़ी संख्या में लोगों का आवागमन रहता है।

बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि यमुना तट की समस्याओं के निराकरण हेतु शीघ्र ही जिलाधिकारी को पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा जाएगा।

इस अवसर पर आदित्य लक्ष्यकार, सतीश चंद्र, सुधीर कुमार, अजय कुमार, राम प्रसाद सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / सुनील कुमार