खनिजों की खोज के लिए एक प्रमुख क्षेत्र है बुंदेलखंड क्रेटॉन : असित साहा
लखनऊ, 20 अप्रैल(हि.स.)। भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण ने सोमवार को लखनऊ में “बुंदेलखंड क्रेटॉन की खनिज संभावनाएं: महत्वपूर्ण खनिजों पर विशेष फोकस” विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि एवं जीएसआई के महानिदेशक असित साहा वर्चुअल माध्यम से शामिल हुए।
असित साहा ने बुंदेलखंड क्रेटॉन को महत्वपूर्ण खनिजों की खोज के लिए एक प्रमुख क्षेत्र बताया और इसकी अपार संभावनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने राष्ट्रीय क्रिटिकल मिनरल मिशन के महत्व को रेखांकित करते हुए उन्नत तकनीकों—जैसे आइसोटोपिक एवं उच्च-सटीक विश्लेषण—के उपयोग से संभावित भंडारों की पहचान के प्रयासों को तेज करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने जीएसआई और शैक्षणिक संस्थानों के बीच समन्वित एवं दूरदर्शी रणनीति विकसित करने का आह्वान किया, जिससे छिपे एवं गहरे खनिज भंडारों की खोज के लिए एक मजबूत कार्ययोजना तैयार की जा सके।
जोयेश बागची ने अपने संबोधन में कहा कि बुंदेलखंड क्रेटॉन एक ओर चुनौतीपूर्ण है, वहीं दूसरी ओर अत्यंत संभावनाशील क्षेत्र भी है। उन्होंने इसे भू-वैज्ञानिक दृष्टि से जटिल, लेकिन महत्वपूर्ण एवं दुर्लभ मृदा तत्व खनिजों के लिए समृद्ध क्षेत्र बताया। उन्होंने वैज्ञानिक, समेकित एवं तकनीक-आधारित अन्वेषण पद्धति अपनाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे संभावित क्षेत्रों की पहचान कर इसकी पूर्ण खनिज क्षमता को सामने लाया जा सके।
तकनीकी सत्रों में बुंदेलखंड क्रेटॉन के टेक्टोनिक विकास, धात्विक ढांचे और खनिज प्रणालियों का व्यापक वैज्ञानिक विश्लेषण प्रस्तुत किया गया। चर्चाओं में यह भी रेखांकित किया गया कि संरचनात्मक, भू-रासायनिक और भू-भौतिकीय आंकड़ों के समेकन से अन्वेषण रणनीतियों को और अधिक प्रभावी बनाया जा सकता है तथा छिपे खनिज भंडारों की पहचान संभव है।
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हिन्दुस्थान समाचार / डॉ. जितेन्द्र पाण्डेय