एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से स्वास्थ्य अनुसंधान को मिलेगी गति : अमित कुमार घोष
लखनऊ, 29 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संजय गांधी आयुर्विज्ञान संस्थान लखनऊ के एच.जी. खुराना ऑडिटोरियम में बुधवार को श्रुति (इमरास) कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में सरकार, उद्योग, शिक्षाविदों और कॉन्ट्रैक्ट रिसर्च ऑर्गनाइजेशन्स (क्रॉस) के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया। उद्घाटन सत्र में अपर मुख्य सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य, परिवार कल्याण एवं चिकित्सा शिक्षा उत्तर प्रदेश अमित कुमार घोष ने कहा कि अप-इमरास की शुरुआत चिकित्सा अनुसंधान में पारदर्शिता, दक्षता और समन्वय को बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म से अनुसंधान प्रक्रियाओं में तेजी आएगी और परिणामों का बेहतर उपयोग संभव होगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार डॉ. जी.एन. सिंह ने संबोधन में कहा कि नियामकीय समन्वय को मजबूत करना और नवाचार को बढ़ावा देना उत्तर प्रदेश को फार्मास्यूटिकल्स और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए आवश्यक है। उन्होंने उल्लेख किया कि अप-इमरास जैसी पहलें एक सशक्त और भविष्य के लिए तैयार अनुसंधान तंत्र विकसित करेंगी।
एसजीपीजीआई के निदेशक डॉ. आरके धीमान ने कहा कि मानकीकृत प्रक्रियाओं और डिजिटल उपकरणों का समावेश अनुसंधान की गुणवत्ता और विश्वसनीयता को बढ़ाएगा। डिजिटल अवसंरचना और उद्योग सहभागिता के समन्वय के माध्यम से यह पहल उत्तर प्रदेश को स्वास्थ्य अनुसंधान और फार्मास्यूटिकल क्षेत्र में अग्रणी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
अप-इमरास प्लेटफॉर्म का विस्तृत परिचय उत्तर प्रदेश प्रमोट फार्मा काउंसिल की मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ, आईएएस कृतिका शर्मा ने बताया कि यह प्लेटफॉर्म एक केंद्रीकृत डिजिटल प्रणाली के रूप में कार्य करेगा, जो विभिन्न हितधारकों के बीच समन्वय को सुगम बनाएगा।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन