छह राज्यों की महिलाएं सीमैप में हर्बल उत्पाद का ले रहीं प्रशिक्षण

 


लखनऊ, 13 फरवरी (हि.स.)। सीएसआईआर-केन्द्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा संस्थान में किसानों एवं महिलाओं के लिए औषधीय एवं सगंध पौधों पर आधारित प्रौद्योगिकियों विषय पर पाँच दिवसीय उन्नत कौशल विकास कार्यक्रम चल रहा है। इस कार्यक्रम में छह राज्यों से 20 प्रतिभागी अपना उद्यम बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं।

सीएसआईआर-सीमैप के निदेशक डॉ. प्रबोध कुमार त्रिवेदी ने कहा कि सीएसआईआर-सीमैप में प्राप्त हर्बल उत्पाद बनाने की विधि से आप सभी को अपने तथा देश के भविष्य को संवारने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए शैलेंद्र जैन, प्रबंध निदेशक, शैवी इंडस्ट्रीज एवं पूर्व अध्यक्ष, ई.ओ.ए.आई., नोएडा ने कहा कि दिन-प्रतिदिन हर्बल उत्पादों की मांग को पूरा करने के लिए सीएसआईआर-सीमैप की तकनीकी आप सभी प्रतिभागियों को उद्यमी बनाने के लिए मदद करेगा, जिससे आम जनमानस को एक अच्छा एवं प्रभावकारी हर्बल उत्पाद बाजार में उपलब्ध हो सकेगा।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए डॉ. आर. के. श्रीवास्तव, विभागाध्यक्ष, व्यापार विकास विभाग ने बताया कि इस 5 दिन के कार्यक्रम में औषधीय एवं सुगंधित पौधों का उत्पादन उसका प्रसंस्करण तथा तीन हर्बल उत्पाद जैसे फ्लोमैप, मोसेक्स (मासकीटो रेपलेंट लोशन) एवं फूलों से अगरबत्ती बनाने की तकनीकी बताई जाएगी। प्रशिक्षण कार्यक्रम में ध्न्यवाद प्रस्ताव डॉ. संजय कुमार, वरिष्ठ प्रधान वैज्ञानिक ने दिया। इस अवसर पर सीएसआईआर-सीमैप के विभिन्न वैज्ञानिक, तकनीकी अधिकारी व शोधार्थी आदि उपस्थित रहे।

हिन्दुस्थान समाचार/उपेन्द्र/बृजनंदन