स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं बन रहीं आत्मनिर्भर : डॉ. बबिता सिंह चौहान
कानपुर, 05 सितंबर (हि.स.)। स्वयं सहायता समूहों से जुड़कर महिलाएं आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनने के साथ-साथ अपने निर्णय स्वयं लेने में सक्षम हो रही हैं। समूहों के माध्यम से महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर मिल रहे हैं और वे परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। यह बातें शनिवार को राज्य महिला आयोग, उत्तर प्रदेश की अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने कहीं।
सर्किट हाउस में आजीविका मिशन के स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के साथ शक्ति संवाद एवं कन्या जन्मोत्सव कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में विभिन्न स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं ने प्रतिभाग कर अपने अनुभव और सफलता की कहानियां साझा कीं।
कल्याणपुर विकासखंड की महिलाओं ने बताया कि स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें सीआईएफ और सीसीएल के माध्यम से आर्थिक सहायता मिली। इस धनराशि से उन्होंने दोना-पत्तल बनाने की मशीन और दो भैंस खरीदीं। स्वरोजगार शुरू करने के बाद वे प्रतिमाह करीब 15 से 18 हजार रुपये तक की आय अर्जित कर रही हैं। इससे परिवार की आर्थिक जिम्मेदारियां निभाने के साथ बच्चों की बेहतर शिक्षा भी सुनिश्चित कर पा रही हैं। उनके एक बच्चे की एमबीए और दूसरे की फार्मेसी की पढ़ाई चल रही है।
महिलाओं ने बताया कि आजीविका मिशन से जुड़ने से पहले वे घर तक सीमित थीं और किसी आर्थिक गतिविधि से नहीं जुड़ी थीं। समूह से जुड़ने के बाद उनके आत्मविश्वास में वृद्धि हुई और आर्थिक आत्मनिर्भरता के साथ समाज में उनकी पहचान भी बनी।इस दाैरान पूनम, ज्योति और नेहा सहित अन्य महिलाओं ने भी अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि आजीविका मिशन से उन्हें आर्थिक और सामाजिक रूप से आगे बढ़ने के अवसर मिले हैं।
कार्यक्रम के दौरान उर्सला जिला अस्पताल की विंग की ओर से बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ योजना के तहत 16 लाभार्थी महिलाओं को बेबी किट वितरित की गईं। अध्यक्ष डॉ. बबिता सिंह चौहान ने महिलाओं को बेबी किट प्रदान करते हुए महिला सशक्तिकरण, बालिकाओं की शिक्षा और बेटियों के सुरक्षित एवं उज्ज्वल भविष्य के लिए सामूहिक प्रयास का संदेश दिया।
उन्होंने स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के बल पर स्वरोजगार स्थापित कर रही हैं, परिवार की आर्थिक स्थिति मजबूत कर रही हैं और बच्चों की बेहतर शिक्षा में योगदान दे रही हैं। उन्होंने महिलाओं से सरकारी योजनाओं और स्वरोजगार के अवसरों का अधिक से अधिक लाभ उठाकर आत्मनिर्भर बनने का आह्वान किया।
कार्यक्रम में परियोजना निदेशक, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जिला प्रोबेशन अधिकारी, प्रमुख अधीक्षिका डफरिन चिकित्सालय, वन स्टॉप सेंटर के कर्मचारी तथा स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाएं मौजूद रहीं।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप