पात्रता के बाद भी सूची से काटा विधवा का नाम, बीडीओ और सचिव तलब
डीएम ने दिए तुरंत आवास के निर्देश
हमीरपुर, 06 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले में सरकारी योजनाओं में जमीनी स्तर पर लापरवाही का एक बड़ा मामला सोमवार को सामने आया है। विकास खंड सरीला के ग्राम बौखर में एक अत्यंत गरीब विधवा महिला को पात्रता के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभ से वंचित कर दिया गया। सोमवार को संपूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर पीड़िता ने जिलाधिकारी से न्याय की गुहार लगाई, जिसके बाद प्रशासनिक अमले में हड़कंप मच गया।
ग्राम बौखर निवासी कौशिल्या पत्नी स्व. कालीचरण कोरी ने जिलाधिकारी अभिषेक गोयल को शिकायती पत्र सौंपकर बताया कि प्रशासन द्वारा गांव में आयोजित खुली बैठक में उन्होंने आवास के लिए आवेदन किया था। इसके बाद ग्राम विकास अधिकारी (सचिव) ने मौके पर आकर स्थलीय निरीक्षण भी किया और उन्हें आश्वस्त किया था कि उनका नाम पात्रता सूची में शामिल कर लिया गया है। लेकिन हाल ही में जब योजना का बजट जारी हुआ, तो अंतिम सूची से उनका नाम गायब मिला।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी अभिषेक गोयल ने तुरंत खंड विकास अधिकारी (बीडीओ) और संबंधित सचिव लवलेश कुमार को मौके पर तलब किया। डीएम की पूछताछ में सचिव ने स्वीकार किया कि महिला की स्थिति को देखते हुए उसे पात्र घोषित किया गया था। इस पर कड़ी नाराजगी जताते हुए जिलाधिकारी ने सचिव को तत्काल कौशिल्या का नाम पात्रता सूची में बहाल करने और उन्हें आवास आवंटित करने का लिखित आदेश दिया।
पीड़ित महिला अत्यंत गरीब है और दैनिक मजदूरी करके किसी तरह अपने बच्चों का भरण-पोषण कर रही है। जिलाधिकारी के इस कड़े रुख के बाद अब पीड़िता को जल्द ही अपनी पक्की छत मिलने की उम्मीद जगी है। हालांकि, स्थानीय ग्रामीणों में इस बात को लेकर चर्चा है कि हर स्तर पर पात्र मिलने के बाद भी अंतिम समय पर सूची से नाम कैसे और किसके इशारे पर हटाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा