जहां नारी सम्मान होता है वहीं देवताओं का वास होता है : योगेंद्र उपाध्याय
कानपुर, 25 अप्रैल (हि.स.)। जहां नारी का सम्मान होता है वहीं देवताओं का वास होता है। हमारी संस्कृति पर लंबे समय तक प्रहार कर महिलाओं को पीछे रखने की कोशिश की गई, लेकिन अब सरकार उनकी सुरक्षा, सम्मान और स्वावलंबन के लिए लगातार काम कर रही है। अनेक योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को सशक्त बनाया जा रहा है। यह बातें शनिवार को उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कही।
छत्रपति साहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में आयोजित महिला जन आक्रोश सम्मेलन से पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने पत्रकारों से वार्ता की। उन्होंने कहा कि इतिहास में कई दौर ऐसे रहे जब महिलाओं की स्थिति को कमजोर करने का प्रयास हुआ, लेकिन वर्तमान सरकार ने इसे बदलने की दिशा में काम किया है।
उन्होंने केंद्र व प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि शौचालय, आवास, स्वास्थ्य, सुरक्षा और स्वरोजगार से जुड़ी योजनाओं के जरिए महिलाओं को आगे बढ़ाने का प्रयास किया गया है। बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ, मिशन शक्ति, सखी योजना और मुद्रा लोन जैसी पहल का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इनसे महिलाओं को मजबूती मिली है।
इसके बाद विश्वविद्यालय के तात्या टोपे सीनेट हाल में महापौर प्रमिला पांडे की अध्यक्षता में सम्मेलन आयोजित हुआ। कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष स्वप्निल वरुण ने कहा कि पिछले वर्षों में महिलाओं को सम्मान के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिला है और यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।
सम्मेलन को सम्बोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि भारत में नारी को देवी स्वरूप माना जाता है और महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण देने की दिशा में प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है।
कार्यक्रम में कुलपति विनय पाठक सहित कई जनप्रतिनिधि व महिलाएं उपस्थित रहीं। अंत में कार्यक्रम के बाद बड़ी संख्या में महिलाओं ने जीटी रोड पर प्रदर्शन भी किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप