श्रावस्ती में राप्ती का जलस्तर खतरे के निशान से 70 सेंटीमीटर ऊपर, दौरा कर रहें अधिकारी
-बाढ़ के बीच पेड़ गिरने से एक की मौत
श्रावस्ती, 27 सितंबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश केजनपद श्रावस्ती में दो दिनों से हुई बारिश से जनजीवन बेहाल है। कई जगह मकान और पेड़ गिरने की घटनाएं सामने आई है। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई है। वहीं, राप्ती नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर है।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी समेत प्रशासनिक अधिकारी लगातार संवेदनशील और अतिसंवेदनशील क्षेत्रों का भ्रमण कर स्थिति का जायजा ले रहे हैं। गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क रहने और जरूरत पड़ने पर सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। जिला प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक, 26 सितंबर को पूर्वाह्न 11 बजे राप्ती नदी का जलस्तर 128.400 मीटर दर्ज किया गया, जो खतरे के निशान से 0.700 मीटर ऊपर है। शाम पांच बजे भी जलस्तर 128.400 मीटर पर बना रहा। प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर चौबीसों घंटे नजर रखी जा रही है।
28 राहत शिविर और 19 बाढ़ चौकियां स्थापित
जिलाधिकारी ने बताया कि जिले में संभावित बाढ़ से निपटने के लिए 28 राहत शिविर और 19 बाढ़ चौकियां स्थापित की हैं। राहत शिविरों में प्रभावित लोगों के लिए ठहरने, शुद्ध पेयजल, भोजन और दवाइयों की व्यवस्था की गई है। जलभराव से प्रभावित फसलों का राजस्व टीमों से सर्वे कराया जा रहा है, ताकि पात्र किसानों को नियमानुसार फसल क्षति का मुआवजा दिया जा सके।
पेड़ गिरने से मलबे में दबे छह लोग
तहसील जमुनहा क्षेत्र के ग्राम लोनियनपुरवा, मजरा चंद्रखा बुजुर्ग में बड़ा हादसा हो गया। तेज बारिश और हवा के दौरान गुलर का पेड़ मकान पर गिर गया। हादसे के समय हरीराम चौहान (60) अपने परिवार और रिश्तेदारों के साथ छप्पर के नीचे बैठे थे। पेड़ गिरने से मकान के अंदर मौजूद हरीराम चौहान, उनके बेटे अमरनाथ (35), बहू मीना (30), पौत्र सुनील (16) तथा मल्हीपुर के लखैहा निवासी रिश्तेदार दयाराम (75) और कलावती (55) मलबे के नीचे दब गए। स्थानीय ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत कर मलबा हटाया और सभी दबे लोगों को बाहर निकाला। गंभीर रूप से घायल दयाराम को तत्काल एंबुलेंस से जिला अस्पताल बहराइच भेजा गया। रविवार को उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। अन्य घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।
घटना की सूचना मिलते ही जमुनहा तहसीलदार भीमचंद्र रविवार को मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि प्रशासन की ओर से प्रभावित परिवार को हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई की जा रही है। इसके अलावा तहसील जमुनहा क्षेत्र में अब तक दो कच्चे मकान और दो पशुशेड क्षतिग्रस्त होने की सूचना है। मल्हीपुर खुर्द में कच्चा मकान गिरने से महमूद रजा पुत्र इब्राहीम भी आंशिक रूप से घायल हुए हैं, जिनका उपचार चल रहा है।
जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग ने सभी उप जिलाधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि आपदा के दौरान जनहानि होने पर प्रभावित परिवार को आपदा राहत कोष से नियमानुसार तत्काल सहायता राशि उपलब्ध कराई जाए।
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हिन्दुस्थान समाचार / दीपक