जल संरक्षण के लिए जागरूकता जरूरी, सामूहिक प्रयास से ही समाधान : डॉ अंचल मित्तल

 


कानपुर, 28 मार्च (हि.स.)। जल संकट आज वैश्विक स्तर पर गंभीर चुनौती बन चुका है और इसके समाधान के लिए सामूहिक प्रयास बेहद जरूरी हैं। यदि अभी प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले समय में स्थिति और विकट हो सकती है। जल संरक्षण को हर व्यक्ति की जिम्मेदारी बनाना होगा। यह बातें शनिवार को डब्ल्यूडब्ल्यूएफ–इंडिया की विशेषज्ञ डॉ. अंचल मित्तल ने कहीं।

छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय के स्कूल ऑफ बेसिक साइंसेज के रसायन विज्ञान विभाग ने विश्व जल दिवस पर कार्यशाला आयोजित की, जिसमें जल संरक्षण और सतत प्रबंधन पर चर्चा हुई। कार्यक्रम में छात्र, शोधार्थी और शिक्षक बड़ी संख्या में शामिल हुए।

कार्यक्रम की शुरुआत विभागाध्यक्ष डॉ. रश्मि दुबे के स्वागत भाषण से हुई। उन्होंने जल संसाधनों के जिम्मेदार उपयोग पर जोर देते हुए कहा कि छोटे-छोटे प्रयास भी बड़े बदलाव ला सकते हैं।

कार्यशाला में जल शुद्धिकरण और अपशिष्ट जल उपचार की आधुनिक तकनीकों पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने उन्नत फिल्ट्रेशन सिस्टम और पर्यावरण अनुकूल तकनीकों के महत्व को बताया।

समापन सत्र में डॉ. अंजू दीक्षित और डॉ. बी.पी. सिंह ने दैनिक जीवन में जल संरक्षण के उपाय अपनाने की अपील की। कार्यक्रम में अन्य संकाय सदस्य भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप