स्कूल जाते समय जर्जर दीवार गिरने से मासूम भाई-बहन की मौत,तीन घायल
बाराबंकी 06 अगस्त (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के बाराबंकी में पदरियाबाद कोतवाली क्षेत्र के गुलचप्पा कलां (अलियाबाद) गांव में गुरुवार सुबह स्कूल जाने की खुशी कुछ ही पलों में मातम में बदल गई। हाथों में बस्ता लिए पांच मासूम बच्चे गांव की गली से गुजर रहे थे कि तभी वर्षों पुरानी जर्जर ईंट की दीवार अचानक भरभराकर उनके ऊपर आ गिरी। हादसे में एक ही परिवार के भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य बच्चे गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद गांव में चीख-पुकार मच गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई।
हादसे में गांव निवासी मुस्लिम के सात वर्षीय पुत्र हुजैफा और 14 वर्षीय पुत्री हाजरा बानो की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं सलमान का आठ वर्षीय पुत्र हस्सान, चार वर्षीय पुत्री हानिया तथा अब्दुल मन्नान का 14 वर्षीय पुत्र मोहम्मद अदनान गंभीर रूप से घायल हो गए। ग्रामीणों ने बिना देर किए मलबा हटाया और सभी बच्चों को बाहर निकालकर अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने हुजैफा और हाजरा बानो को मृत घोषित कर दिया, जबकि अन्य तीन बच्चों का इलाज जारी है।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दीवार गिरने की आवाज इतनी तेज थी कि आसपास के लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। कुछ ही देर में पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंच गए।
ग्रामीणों का कहना है कि जिस दीवार के गिरने से यह हादसा हुआ, वह लंबे समय से जर्जर थी। लगातार बारिश के कारण उसकी हालत और खराब हो गई थी। कई बार दीवार के मालिक से इसे गिराने या मरम्मत कराने की मांग की गई, लेकिन किसी ने गंभीरता नहीं दिखाई। ग्रामीणों का आरोप है कि यदि समय रहते कार्रवाई हो जाती तो दो मासूमों की जान बचाई जा सकती थी।
क्षेत्राधिकारी सौरभ श्रीवास्तव ने बताया ने दोनों बच्चों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रशासन ने पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में यदि किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
एक ही परिवार के दो बच्चों की मौत से पूरे गांव में मातम पसरा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में हर किसी की जुबान पर यही सवाल है कि आखिर जर्जर दीवार को समय रहते क्यों नहीं हटाया गया।
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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज कुमार चतुवेर्दी