एक व्यक्ति के अंगदान से बच सकती है आठ लोगों की जिंदगी
लखनऊ, 02 अगस्त (हि.स.)। अंगदान की मुहिम को बढ़ावा देने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश के लिए राज्य अंग
एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन ने संजय गांधी स्नातकोत्तर संस्थान (एसजीपीजीआई) के अस्पताल प्रशासन विभाग के सहयोग से रविवार को हजरतगंज में एक वाकथान का आयोजन किया। इस अवसर पर विशेष सचिव चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण धीरेन्द्र सिंह, अपर निदेशक चिकित्सा शिक्षा नीलम ने हरी झण्डी दिखाकर वाकथान को रवाना किया। कार्यक्रम में इस बात पर जोर दिया गया कि अंगदान एक चिकित्सकीय प्रकिया ही नहीं है बल्कि करूणा, मानवता और सामाजिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है।
राज्य अंग एवं ऊतक प्रत्यारोपण संगठन के संयुक्त निदेशक प्रो. आर. हर्षवर्धन ने बताया कि भारतीय अंगदान दिवस अंगदान के प्रति जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष 03 अगस्त को मनाया जाता है। इस पहल का उद्देश्य प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले मरीजों और उपलब्ध अंगों के बीच के अंतर को पाटना है।
प्रो. आर. हर्षवर्धन ने बताया कि एक व्यक्ति द्वारा किया गया अंगदान 08 लोगों का जीवन बचा सकता है। जबकि ऊतक दान 75 लोगों के जीवन में उल्लेखनीय सुधार ला सकता है। इसके बावजूद प्रत्यारोपण की आवश्यकता वाले मरीजों की संख्या और उपलब्ध अंगों के बीच एक बड़ा अंतर बना हुआ है।
वाकथान में एसजीपीजीआई के कार्यवाहक निदेशक शालीन कुमार, डा. ज्ञानचंद, डॉ. दीक्षा दबुे, डॉ. एकता यादव, डा. अक्षिता बंसल, डा. अर्पिता तिवारी व डा. अभिषेक सिंह शामिल रहे।
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हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन