'काशी द्वार' से बाबा विश्वनाथ के सुगम दर्शन पर व्यवसायी संघ ने विधायक डॉ नीलकंठ का किया सम्मान
वाराणसी, 10 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर श्री काशी विश्वनाथ दरबार में काशीवासियों के लिए 'काशी द्वार' (गेट नंबर 4-B) के माध्यम से विस्तारित 'सुगम दर्शन' मार्ग की स्थायी व्यवस्था लागू होने पर शिवभक्त गदगद है। शुक्रवार को विश्वनाथ गली व्यवसायी संघ के सदस्यों व पदाधिकारियों ने व्यवस्था को लेकर प्रदेश सरकार का आभार जताया।
संघ के सदस्यों रमेश तिवारी, डा.पवन शुक्ला, भानु मिश्रा, सुनील शर्मा मुंशी, सिद्धार्थ भारद्वाज, प्रतीक , महेश , मनोज प्रजापति, विष्णु कसेरा ने वाराणसी शहर दक्षिणी के विधायक डा. नीलकंठ तिवारी का उनके आवास पर फूल माला व अंगवस्त्र से सम्मान किया। काशीवासियों के लिए अलग दर्शन की व्यवस्था के लिए विधायक डॉ नीलकंठ तिवारी ने पहल की थी। विधायक ने प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के इस कदम की सराहना की। बताते चले काशी विश्वनाथ मंदिर में इस नई व्यवस्था के तहत, स्थानीय काशीवासी अब अपने पहचान पत्र दिखाकर प्रतिदिन सुबह 4:15 बजे से रात 10:45 बजे तक मंदिर में प्रवेश कर दर्शन पूजन कर सकेंगे। उधर, 365 दिन एक शिवलिंग / विग्रह कार्यक्रम के संयोजक पं. अजय शर्मा ने बताया कि मंदिर प्रशासन की ओर से काशीवासियों के लिए अलग द्वार से दर्शन की व्यवस्था कोई नई योजना नहीं है। बल्कि एक साल पूर्व से ही यह व्यवस्था लागू है। यह आदेश काशी के सनातनियों के गले से नीचे नहीं उतर रहा है। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के गेट नम्बर 4 से प्रवेश करने पर बाबा विश्वनाथ का दर्शन दक्षिण दिशा से होगा। जो सनातन पद्धति में देव दर्शन पूजन में किसी भी लिहाज से शास्त्र सम्मत नहीं है। पं अजय शर्मा ने बताया कि उन्होंने एक वर्ष पूर्व पीएमओ और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से लेकर नगर के मंत्रियों और विधायकों को पत्र लिखकर काशीवासियों के लिए गेट नंबर एक ढुंढिराज गणेश मंदिर के रास्ते मन्दिर में प्रवेश देने की मांग की थी। लेकिन अब तक कोई सुनवाई नहीं हुई।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी