सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय में 20 जुलाई तक हर हाल में पूरे होंगे सभी निर्माण कार्य : कुलपति

 


—समय-सीमा, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं

वाराणसी, 04 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी जनपद में स्थित सम्पूर्णानन्द संस्कृत विश्वविद्यालय परिसर में संचालित निर्माण एवं नवीनीकरण कार्यों की धीमी प्रगति तथा गुणवत्ता संबंधी कमियों पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। शनिवार को जहां विश्वविद्यालय प्रशासन ने कार्यदायी संस्था एवं संबंधित अधिकारियों को अंतिम चेतावनी जारी की। वहीं, विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. बिहारी लाल शर्मा ने अपरान्ह तीन बजे परिसर में चल रहे निर्माण कार्यों का आकस्मिक निरीक्षण किया और स्पष्ट शब्दों में कहा कि समय-सीमा, गुणवत्ता एवं पारदर्शिता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।

निरीक्षण के दौरान सीएनडीएस द्वारा कराए जा रहे लाल भवन एवं पाणिनी भवन के नवीनीकरण कार्यों का कुलपति ने अवलोकन किया। कुलपति ने कार्यों की धीमी गति पर गहरी नाराजगी जता संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्था को निर्देश दिया कि सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप उच्च गुणवत्ता के साथ 20 जुलाई 2026 तक हर हाल में पूर्ण किए जाए। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय की अधोसंरचना का विकास संस्थान की प्राथमिकताओं में शामिल है। ऐसे में निर्माण कार्यों में लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा मानकहीन कार्य किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किए जाएंगे।

उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अगली समीक्षा तक अपेक्षित प्रगति नहीं मिली तो संबंधित अधिकारियों एवं जिम्मेदार व्यक्तियों के विरुद्ध कठोर प्रशासनिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। कुलपति प्रो शर्मा ने कार्यदायी संस्था के ठेकेदार अनमोल तिवारी एवं संबंधित सहायक अभियंता को विशेष रूप से निर्देशित किया कि वे अतिरिक्त संसाधनों के साथ कार्यों में तेजी लाते हुए गुणवत्ता का पूर्ण अनुपालन सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन स्वयं नियमित रूप से निर्माण कार्यों की निगरानी करेगा ताकि सभी परियोजनाएं निर्धारित समय पर पूर्ण होकर विद्यार्थियों एवं शिक्षकों के उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकें। कुलपति ने परिसर में संचालित अन्य निर्माण एवं विकास कार्यों का भी निरीक्षण कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए तथा सभी परियोजनाओं को समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने पर बल दिया।

इस दौरान कुलसचिव राकेश कुमार, चीफ प्रॉक्टर प्रो. जितेन्द्र कुमार, अभियंता रामविजय सिंह सहित विश्वविद्यालय के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी