श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अन्नपूर्णा रसोईघर में अब पाइप्ड नेचुरल गैस से होगी आपूर्ति
—गेल और अन्नपूर्णा रसोईघर के बीच समझौते पर हस्ताक्षर, अगले 2 से 3 दिनों के भीतर आपूर्ति शुरू हो जाएगी
वाराणसी, 11 अप्रैल (हि.स.)। श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के अन्नपूर्णा रसोईघर में अब श्रद्धालुओं के लिए भोजन बनाने के लिए अब ईंधन की समस्या आड़े नहीं आएगी। जानी मानी गैस कंपनी गेल ने इसके लिए बड़ी पहल की है। गेल कंपनी ने शनिवार को श्री काशी विश्वनाथ मंदिर परिसर स्थित अन्नपूर्णा रसोईघर में पाइप्ड नेचुरल गैस (पीएनजी) आपूर्ति शुरू करने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किया है। कंपनी की यह पहल न केवल धार्मिक स्थल की व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी। यह समझौता श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के डिप्टी कलेक्टर शंभू शरण, सुशील कुमार (महाप्रबंधक – वाराणसी गेल), सुरेश तिवारी (महाप्रबंधक,गेल), गौरी शंकर मिश्रा (महाप्रबंधक गेल) और देवाशीष साहू की उपस्थिति में हुआ।
गेल के अफसरों ने इस पहल को पर्यावरण संरक्षण और ऊर्जा दक्षता की दिशा में एक सराहनीय कदम बताया। अधिकारियों के अनुसार, अगले 2 से 3 दिनों के भीतर अन्नपूर्णा रसोईघर में पीएनजी की आपूर्ति शुरू कर दी जाएगी। यह क्षेत्र का पहला ऐसा रसोईघर होगा, जहां पाइप्ड नेचुरल गैस की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। इससे भोजन बनाने की प्रक्रिया और अधिक सुगम, सुरक्षित एवं तेज हो जाएगी।
बताते चले अन्नपूर्णा रसोईघर में प्रतिदिन लगभग 15,000 श्रद्धालुओं के लिए भोजन तैयार किया जाता है। वर्तमान समय में यहां भोजन बनाने के लिए प्रतिदिन करीब 15 व्यावसायिक एलपीजी सिलेंडरों का उपयोग होता है, जो महीने भर में लगभग 450 सिलेंडरों तक पहुंच जाता है। इतनी बड़ी मात्रा में एलपीजी सिलेंडरों के उपयोग से न केवल लागत अधिक आती है, बल्कि इनके भंडारण और परिवहन में भी कई तरह की चुनौतियां सामने आती हैं। पीएनजी आपूर्ति शुरू होने के बाद इन सभी एलपीजी सिलेंडरों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी और उन्हें अन्य स्थानों पर स्थानांतरित कर दिया जाएगा। पाइप्ड गैस प्रणाली के माध्यम से निरंतर गैस आपूर्ति सुनिश्चित होगी, जिससे रसोई संचालन में किसी प्रकार की बाधा नहीं आएगी। इसके साथ ही, गैस रिसाव जैसी दुर्घटनाओं की संभावना भी काफी हद तक कम हो जाएगी। इस पहल का एक और महत्वपूर्ण पहलू यह है कि इससे पर्यावरण को भी लाभ मिलेगा।
पीएनजी एक स्वच्छ ईंधन है, जो एलपीजी की तुलना में कम प्रदूषण फैलाता है। इससे मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता में सुधार होने की उम्मीद है। गेल द्वारा शुरू की गई यह योजना केवल अन्नपूर्णा रसोईघर तक सीमित नहीं रहेगी। इसके अंतर्गत आसपास के क्षेत्रों में भी पीएनजी कनेक्शन उपलब्ध कराए जाएंगे, जिससे स्थानीय निवासियों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सुरक्षित, सस्ती और निरंतर ऊर्जा आपूर्ति का लाभ मिल सकेगा।
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी