अक्षय तृतीया पर बाल विवाह के खिलाफ संयुक्त अभियान, आमजन से सहयोग की अपील
वाराणसी, 18 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धर्मनगरी काशी में अक्षय तृतीया (19 अप्रैल), जिसे अखा तीज के नाम से भी जाना जाता है, के अवसर पर जिला प्रशासन ने बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीति के खिलाफ विशेष अभियान चलाने का निर्णय लिया है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्र ने आमजन से इस मुहिम में सक्रिय सहयोग की अपील की है। उन्होंने शनिवार को कार्यक्रम की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अक्षय तृतीया जैसे पावन अवसर को सामाजिक कुरीतियों से मुक्त रखना हम सभी की जिम्मेदारी है। विशेष रूप से बाल विवाह जैसी अवैध और हानिकारक प्रथा को पूरी तरह रोकना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने बताया कि हर वर्ष इस अवसर पर बाल विवाह की कुछ घटनाएं सामने आती हैं, जिन्हें रोकने के लिए प्रशासन सतर्क है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य के साथ गंभीर अन्याय भी है। बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम के तहत बाल विवाह कराने, करवाने या उसमें किसी भी प्रकार की भागीदारी करने वाले व्यक्ति को दो वर्ष तक का कठोर कारावास और एक लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है। इसमें अभिभावक, संरक्षक, पुजारी, काजी/पंडित, आयोजक या विवाह में सहयोग करने वाला कोई भी व्यक्ति शामिल है। साथ ही, यदि वयस्क वर किसी बालिका से विवाह करता है, तो उस पर भी जुर्माना लगाया जा सकता है।
जिला प्रोबेशन अधिकारी ने अभिभावकों, ग्राम प्रधानों, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों, सामाजिक संगठनों और पुलिस विभाग से अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरतने और संदिग्ध मामलों की तुरंत सूचना देने का आग्रह किया है। पुलिस विभाग को भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद स्तर पर विशेष निगरानी दल गठित किए गए हैं, जो अक्षय तृतीया के दिन सक्रिय रूप से निगरानी करेंगे। किसी भी प्रकार की सूचना के लिए नागरिक चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस आपातकालीन सेवा 112 और महिला हेल्पलाइन 181 पर संपर्क कर सकते हैं।
उन्होंने कहा कि “आपका एक छोटा सा प्रयास किसी बच्चे का भविष्य सुरक्षित कर सकता है।”------------
हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी