काशी के कोतवाल बाबा कालभैरव 16 जुलाई को नगर भ्रमण पर निकलेंगे, स्वागत में बने तोरणद्वार

 


—बाबा के स्वर्ण रजत प्रतिमा की शोभायात्रा की शुरूआत काठ की हवेली चौखंभा से

वाराणसी, 14 जुलाई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी काशी में कोतवाल बाबा श्री काल भैरव 16 जुलाई (गुरूवार) को सुबह सात बजे नगर भ्रमण पर निकलेंगे। स्वर्णकार क्षत्रिय कमेटी वाराणसी के तत्वावधान में चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से बाबा के स्वर्ण रजत प्रतिमा की शोभायात्रा परम्परागत रूप से निकाली जाएगी।

मंगलवार को कमेटी के अध्यक्ष घनश्याम सेठ बच्चा ने यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि सुबह सात बजे शोभायात्रा चौखम्भा स्थित काठ की हवेली से आरम्भ होकर बीबी हटिया, जतनबर, विशेश्वरगंज, महामृत्युंजय, दारानगर, मैदागिन, बुलानाला, चौक, नारियल बाजार, गोविन्द पुरा, ठठेरी बाज़ार, सोराकुऑ, गोलघर, भुतई इमली होते हुए भैरोनाथ चौराहे पर विश्राम लेगी। तत्पश्चात बाबा काल भैरव मंदिर में स्वर्ण रजत प्रतिमा प्रतिस्थापित होगी और भव्य श्रंगार के बाद विधिवत पूजा अर्चना के साथ बाबा का दर्शन रात्रि में बाबा के शयन आरती तक चलता रहेगा।

उन्होंने बताया कि शोभायात्रा में सबसे आगे पुलिस घुड़सवार सम्पूर्ण शोभायात्रा में शामिल रहेंगे। उसके पश्चात ढोल ताशा, कमेटी का बैनर होगा। कमेटी के संस्थापक द्वय स्व. किशुन सेठ एवं स्व. भीखू सिंह की तस्वीर फूलों से सुसज्जित रहेगा। बैण्ड बाजा पार्टी सुमधुर धुन भजन करते हुए इसमें शामिल होंगे। शोभायात्रा में इस वर्ष माॅं वैष्णो देवी की झांकी विशेष आकर्षण रहेगी। सुसज्जित स्वरुप में घोड़े पर सवार भगवान श्री राम, लक्ष्मण, भरत, शत्रुघ्न, व हनुमान जी बने कलाकार भी शोभायात्रा में रहेंगे। वहीं, शंकर पार्वती जी, राधा कृष्ण जी, काली जी, हनुमान जी की आकर्षक स्वरूप में झांकी होगी।

नीरज सेठ की नेतृत्व में न्यू लाइफ इंवेंट प्लानर के कलाकार शोभायात्रा में भजन करते हुए चलेंगे। इसके अलावा गोविंदेश्वर महादेव ,माता वैष्णो देवी की आकर्षक झांकी, हनुमान जी, डमरू दल शोभायात्रा के केंद्र बिंदू होंगे। शोभायात्रा के अंत में शहनाई वादन, विभिन्न फूलों से सुसज्जित रथ पर बाबा काल भैरव जी की स्वर्ण रजत-प्रतिमा विराजमान रहेंगी । पूरे शोभायात्रा मार्ग में विभिन्न जगहों पर बाबा के भक्त उनके विग्रह पर पुष्प वर्षा कर पूजन आरती करेंग। बाबा के स्वागत के लिए विभिन्न सामाजिक संगठन, भक्तगण चयनित स्थल पर मौजूद रहेंगे। कालभैरव मंदिर में सायंकाल पंडित जयकृष्ण दीक्षित के आचार्यत्व में बसंत पूजा सम्पन्न होगी।

हिन्दुस्थान समाचार / श्रीधर त्रिपाठी