मौसम में बदलाव से बच्चों में वायरल और डायरिया के मामले बढ़े

 


मुरादाबाद, 05 अगस्त (हि.स.)। मौसम में लगातार बदलाव की वजह से हर घर में काेई न काेई बीमार पडा रहा है।

बच्चों में वायरल और डायरिया के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इसका असर पंडित दीनदयाल उपाध्याय जिला संयुक्त चिकित्सालय (जिला अस्पताल) के बच्चा वार्ड में साफ दिख रहा है। वार्ड में सभी 32 बेड फुल हैं। इनमें 11 बच्चे डायरिया और नौ बच्चे तेज बुखार से पीड़ित हैं, जबकि अन्य बेडों पर दूसरी बीमारियों से ग्रस्त बच्चों का इलाज चल रहा है।

डॉक्टरों के अनुसार, इन दिनों वायरल संक्रमण तेजी से फैल रहा है। कई बच्चों में तेज बुखार के साथ कमजोरी, भूख कम लगना और प्लेटलेट्स या हीमोग्लोबिन की कमी की समस्याएं आ रही हैं। गंभीर एनीमिया या खून की कमी होने पर कुछ बच्चों को खून चढ़ाने की जरूरत पड़ती है। अस्पताल में भर्ती सात वर्षीय अतूफा और डेढ़ वर्षीय

तैमूर को भी खून चढ़ाया गया।

चिकित्सकों का कहना है कि सिर्फ बुखार होने से खून नहीं चढ़ाया जाता, बल्कि जब डेंगू, गंभीर वायरल संक्रमण, लंबे समय तक तेज बुखार या पहले से मौजूद एनीमिया के कारण हीमोग्लोबिन काफी कम हो जाता है तो जांच के बाद खून चढ़ाने का निर्णय लिया जाता है। वार्ड में कटघर की तीन वर्षीय अनवी, बंगला गांव के 10 वर्षीय अरमान और फैजगंज के डेढ़ वर्षीय हसन का उल्टी-दस्त का इलाज चल रहा है। वहीं, करूला की दो वर्षीय उरैन तेज बुखार के कारण भर्ती है।

चिकित्साधीक्षक डॉ. राजेंद्र कुमार ने माैसम के बदलाव से वायरल और डायरिया के मरीज बढ़े हैं। सभी बच्चाें के माता-पिता यह अपील है कि घर में स्वच्छता ध्यान रखें। बरसात के मौसम में बच्चाें काे बाहर का कुछ भी खाने को न दें। बच्चा मैगी की जिद करे तो उसे घर पर आटे वाले नूडल्स सब्जियां डालकर खिलाएं। इससे वह सब्जियां खाना भी सीखेगा।

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हिन्दुस्थान समाचार / निमित कुमार जायसवाल