शराब ठेके के विरोध में डीएम कार्यालय पर ग्रामीणों का प्रदर्शन

 


बागपत, 13 अप्रैल (हि.स.)। उत्तर प्रदेश में बागपत जनपद के चमरावल गांव के ग्रामीणों ने अपने गांव में प्रस्तावित देसी शराब के ठेके का कड़ा विरोध किया है। साेमवार काे सैकड़ों की संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे लोगों ने प्रशासन से इसे तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की है।

समाजसेवी एडवोकेट सोमेंद्र ढाका और वह केटी विंग के संस्थापक केटी भैया के साथ चमरावल गांव के लोगों ने सोमवार को बागपत कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया है। ग्रामवासियों का कहना है कि वर्ष 1997 में भी गांव में देसी शराब का ठेका खोला गया था, जिसका नकारात्मक प्रभाव सामाजिक माहौल पर पड़ा था। उस समय ग्रामीणों ने एकजुट होकर विरोध किया था। प्रशासन से यह आश्वासन लिया गया था कि भविष्य में गांव में शराब का ठेका नहीं खोला जाएगा।

ग्रामीणों ने यह भी बताया कि लगभग 4-5 वर्ष पूर्व देसी शराब के सेवन के कारण गाँव में करीब 8 लोगों की मृत्यु हो चुकी है। इसके अलावा पूर्व में भी कई युवाओं की जान इस कारण जा चुकी है, जिससे पूरे गांव का पारिवारिक और सामाजिक ढांचा प्रभावित हुआ है। पूर्व में हुई घटनाओं को लेकर सामाजिक लोगों में आक्रोश है। गांव वालों ने एकजुट होकर शराब ठेके का विरोध किया है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है यदि शराब ठेके को नहीं हटाया गया तो कानून-व्यवस्था की स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिसकी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

समाजसेवी अधिवक्ता सोमेंद्र ढाका ने कहा कि उत्तर प्रदेश आबकारी नियम के तहत, यदि किसी स्थान पर जनहित, सामाजिक वातावरण या कानून-व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है तो संबंधित शराब के ठेके को निरस्त किया जा सकता है। कानून का हवाला देते हुए सोमेंद्र ढाका ने तत्काल प्रभाव से शराब ठेका निरस्त करने की मांग उठाई।

समाजसेवी केटी भैया ने युवाओं पर शराब के सेवन से पढ़ रहे दुष्प्रभाव को लेकर जिला अधिकारी से बात की और नशाखोरी के खिलाफ अभियान में उनका साथ मांगते हुए ऐसे शराब के ठेकों को निरस्त किए जाने की मांग उठाई है। जिनका ग्रामीण विरोध कर रहे हाे। प्रदर्शन करने वालों में सैकड़ों की संख्या में ग्रामीण और महिलाओं मौजूद थी।

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हिन्दुस्थान समाचार / सचिन त्यागी