ऐतिहासिक लेखन का कार्य ईमानदारी से नहीं हुआ : संजय श्रीहर्ष

 


फर्रुखाबाद, 14 अप्रैल (हि.स.)। अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना की कानपुर प्रान्त की फर्रुखाबाद इकाई बैठक मंगलवार को ऑफीसर्स क्लब फतेहगढ़ में हुई । इस अवसर पर संजय श्रीहर्ष सह संगठन मंत्री, अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना मुख्य वक्ता ने बताया कि अखिल भारतीय इतिहास संकलन योजना भारतवर्ष के इतिहास की अनेक घटनाओं के प्रामाणिक साक्ष्यों को जुटा रही है। जिससे भारत की गौरवशाली ऐतिहासिक घटनाओं, पात्रों और स्थानों को जनसाधारण के सामने लाया जा सके । ऐतिहासिक लेखन का कार्य ईमानदारी से नहीं हुआ।

उन्हाेंने कहा कि हमें विदेशी इतिहासकारों को ही भारत भाग्य निर्माता मानने के भ्रम से निकलना होगा। यहाँ के गांव गांव, नगर नगर में देवी देवताओं के मंदिर, लोक गीत, मेले, भजन, चित्रकारी पूजा पद्वति, प्रकृति पूजन, पुस्तकें, शिलालेख, पांडुलिपियों के समृद्व खजाने हैं जो हमे गौरवशाली अतीत से जोड़ती हैं। अनेक विस्मृत चरित्र जैसे आदि शंकराचार्य, राजराजेश्वरी देवी जयराज कुँवरि आदि हमारी संस्कृति के महान मानबिंदु हैं। जनपद के प्राचीन काम्पिल्य, संकाश्य खोरगढ़ आदि नगर में प्रचुर मात्रा में ऐतिहासिक और पौराणिक कालखंड के प्रमाण हैं जिन्हें आगे लाने की आवश्यकता है।

काम्पिल्य (फर्रुखाबाद) इकाई के संयोजक भूपेन्द्र प्रताप सिंह ने बताया के इतिहास के शोध, कार्यशालाओं, स्थलीय भ्रमण और बैठकों के माध्यम से निरंतर जनपद इकाई कार्यरत है। विद्यालयों और महाविद्यालयों के गुरुजनों और छात्रों के साथ संवाद एवं कार्यशालाओं के द्वारा गांव गांव में आत्मसम्मान का बोध कराने का कार्यक्रम तैयार किया गया है।

इस अवसर पर राजेन्द्र त्रिपाठी, अनिल प्रताप सिंह, विजय अवस्थी, सुधेश दुबे, प्रदीप नारायण शुक्ल, अनिल सिंह, शरद चन्देल, आदित्य सिंह, अनिल सिंह प्रधानाचार्य, तोषित प्रीत सिंह, प्रभात अवस्थी, परदीप कुमार सिंह, चरनप्रीन सिंह, राजीव बाजपेयी, रमेश भदौरिया, धीरेंद्र वर्मा सहित अनेक गणमान्य जन उपस्थित रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / Chandrapal Singh Sengar