अशोक सिंघल जन्म शताब्दी वर्ष का लखनऊ में होगा भव्य शुभारंभ
अशोक सिंहल की जन्म शताब्दी में सेवा समरसता व गौ संरक्षण पर वर्ष भर होंगे आयोजन
लखनऊ, 25 सितंबर (हि.स.)।
विश्व हिन्दू परिषद ने अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष को व्यापक सामाजिक एवं राष्ट्रजागरण के रूप में मनाने का निर्णय लिया है। इस अवसर पर पूरे वर्ष देशभर में विभिन्न सेवा एवं जनजागरण कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश में इस वर्ष का औपचारिक शुभारंभ 27 सितंबर 2026 को लखनऊ के गोमती नगर विस्तार स्थित सीएमएस सभागार में आयोजित भव्य कार्यक्रम से होगा। यह जानकारी विश्व हिंदू परिषद अवध प्रांत के अध्यक्ष कन्हैया लाल नगीना ने शुक्रवार को लखनऊ के दारुल सफा स्थित विश्व हिंदू परिषद कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में दी।उन्होंने बताया किकार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि तथा विश्व हिन्दू परिषद के केंद्रीय संगठन महामंत्री मिलिंद परांडे मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित रहेंगे।
कन्हैया लाल नगीना ने बताया कि अशोक सिंघल के जन्म शताब्दी वर्ष को केवल स्मरण का अवसर न बनाकर उनके विचारों एवं संकल्पों को समाज के बीच कार्यरूप में ले जाने का प्रयास किया जाएगा।
विहिप के प्रांतीय अध्यक्ष ने बताया कि शताब्दी वर्ष के अंतर्गत सेवा कार्यों के विस्तार, वेद विद्यालयों के संरक्षण एवं संवर्धन, सामाजिक समरसता, गौरक्षा, संस्कार निर्माण तथा युवाओं एवं बहनों को आत्मनिर्भर बनाने सहित अनेक क्षेत्रों में वर्षभर कार्यक्रम चलाए जाएंगे। भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सामाजिक जागरण से जुड़े कार्यों को भी व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाया जाएगा।कन्हैया लाल नगीना ने बताया किविश्व हिन्दू परिषद का प्रयास रहेगा कि जन्म शताब्दी वर्ष के माध्यम से श्रद्धेय अशोक सिंघल जी के जीवन से प्रेरणा लेकर समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा, संस्कार, संगठन और राष्ट्रहित के कार्यों से जोड़ा जाए। विशेष रूप से युवा शक्ति को भारतीय संस्कृति और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों के लिए जागृत करने तथा महिलाओं को आत्मनिर्भर एवं सशक्त बनाने की दिशा में विभिन्न योजनाओं को गति दी जाएगी।
विहिप के प्रांत मंत्री देवेंद्र मिश्र ने बताया कि प्रदेश में आयोजित उद्घाटन कार्यक्रम से वर्षभर चलने वाले इन कार्यक्रमों की व्यापक रूपरेखा को गति मिलेगी। इस अवसर पर संतों, सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र के प्रमुख व्यक्तियों, विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारियों तथा बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं एवं समाज के विभिन्न वर्गों की सहभागिता रहेगी।
श्रद्धा से स्मरण, संकल्प से राष्ट्रजागरण— इसी भाव के साथ श्रद्धेय अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी को सेवा, संस्कार और सामाजिक जागरण का अवसर बनाने का संकल्प लिया गया है।
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन