बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से सब्जी की बारियां डूबी

 


किसानों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रदर्शन कर डीएम से लगाई मुआवजे की गुहार

हमीरपुर, 11 मई (हि.स.)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले मे सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के निर्देश पर मौदहा बांध के गेटों की मरम्मत कराने को लेकर बांध से छोड़े गए पानी से सोमवार को बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ गया है। जिससे नदी किनारे सब्जी की बारियां करने वाले किसानों की फसलें जलमग्न होकर नष्ट हो गई है। किसानों ने हुए नुकसान का मुआवजा दिलाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन कर डीएम को ज्ञापन सौंपा है।

विरमा नदी पर मौदहा बांध बना है। इस बांध में ड्रेनेज गैलरी में भारी रिसाव की समस्या के चलते सिंचाई एवं जल संसाधन विभाग के निर्देश पर मौदहा बांध के 11 गेटों की मरम्मत को लेकर पांच मई की शाम से गेट खोलकर पानी छोड़ने का सिलसिला शुरू कर दिया गया था। लगातार पानी छोड़े जाने से बिरमा नदी के डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ने की संभावना को लेकर प्रशासन ने संभावित खतरे को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया था। जिस पर प्रशासन ने मुनादी कराकर नदी किनारे लोगों को एलर्ट भी कर दिया गया था। मौदहा बांध से लगातार पानी छोड़े जाने से अब बेतवा नदी का जलस्तर भी बढ़ता जा रहा है।

सोमवार को ललपुरा थाना क्षेत्र के पौथिया गांव व मुख्यालय के बेतवा घाट निवासी निषाद समाज के लोगों ने दिए ज्ञापन में बताया कि बेतवा नदी का जलस्तर बढ़ने से उनकी सब्जी की बारियां पूरी तरह जलमग्न हो कर नष्ट हो गईं है। उनकी आजीविका का एक मात्र साधन खेती ही है। बारियां जलमग्न होने से उनका परिवार भुखमरी की कगार पर पहुंच गया है। उन्होंने राजस्व टीम को भेजकर उनके खेतों का सर्वे कर उचित मुआवजा दिलाने की मांग की है। इस दौरान संतोष, राहुल, विमला, दीपक, आरती, केसर, रामरती, उर्मिला, प्रेम कुमारी, रामश्री, सीमा, रजनी, रेखा सहित अन्य किसान मौजूद रहे।

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हिन्दुस्थान समाचार / पंकज मिश्रा