वाराणसी : पेपर लीक के खिलाफ भाकपा (माले) का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की उठी मांग

देश भर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने गुरुवार को वाराणसी में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही दिल्ली में विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा पेपर लीक के विरोध में किए जा रहे आंदोलन के प्रति समर्थन भी जताया।
 

वाराणसी। देश भर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माले) ने गुरुवार को वाराणसी में एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही दिल्ली में विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा पेपर लीक के विरोध में किए जा रहे आंदोलन के प्रति समर्थन भी जताया।

धरने को संबोधित करते हुए भाकपा (माले) की राज्य कमेटी के सदस्य मिठाई लाल ने कहा कि बार-बार होने वाली पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उनका कहना था कि छात्र वर्षों तक कठिन परिश्रम कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन परीक्षा रद्द होने और अनियमितताओं के कारण उनकी मेहनत पर पानी फिर जाता है। इससे युवाओं में निराशा और असुरक्षा की भावना बढ़ रही है।

उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने में विफल रही है। भाकपा (माले) ने मांग की कि पेपर लीक की घटनाओं की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा दें। साथ ही ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए परीक्षा प्रक्रिया में व्यापक और स्थायी सुधार लागू किए जाएं।

धरना-प्रदर्शन के दौरान पार्टी नेताओं ने स्थानीय मुद्दों को भी उठाया। उनका आरोप था कि गरीबों और स्थानीय लोगों की जमीनों पर अवैध कब्जे किए जा रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से ऐसे मामलों में तत्काल हस्तक्षेप कर अवैध कब्जों को हटाने और प्रभावित लोगों को न्याय दिलाने की मांग की।

मिठाई लाल ने कहा कि फिलहाल यह प्रतीकात्मक प्रदर्शन है, लेकिन यदि छात्रों, युवाओं और आम लोगों की समस्याओं का समाधान शीघ्र नहीं किया गया तो पार्टी व्यापक जनआंदोलन शुरू करेगी। उन्होंने कहा कि यह केवल एक राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और युवाओं के भविष्य से जुड़ा गंभीर विषय है।

धरने में बड़ी संख्या में भाकपा (माले) के कार्यकर्ताओं और छात्रों ने भाग लिया। प्रदर्शनकारियों ने पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं पर रोक लगाने के लिए प्रभावी और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की।