वंदे मातरम् बोलने मात्र से ही शरीर में दौड़ जाती है देशभक्ति भावना की लहर : न्यायमूर्ति

 


--न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने वन्देमातरम् चित्रकला कार्यशाला का किया उद्घाटन

प्रयागराज, 17 जनवरी (हि.स.)। न्यायमूर्ति सुधीर नारायण ने राज्य ललित कला अकादमी उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित उत्तर प्रदेश दिवस के अतर्गत राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष में वंदे मातरम पर आधारित चित्रांकन हेतु तीन दिवसीय कला कार्यशाला का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम् बोलने मात्र से ही शरीर में देशभक्ति की भावना की लहर दौड़ जाती है।

माघ मेले के संस्कार भारती शिविर में शनिवार को फीता काटकर एवं कैनवस पर चित्रण करके भव्य उद्घाटन किया गया। कार्यशाला के संयोजक सुविख्यात कलाकार रवीन्द्र कुशवाहा ने मुख्य अतिथि सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति एवं विशिष्ट अतिथि ज्योति मिश्रा का स्वागत अंगवस्त्र एवं पुष्पदान से किया। महामंत्री विभव शंकर मिश्रा ने कलाकारों का उत्साहवर्धन किया।

कार्यशाला के मेंटोर असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ सचिन सैनी के निर्देशन में चित्रकार शुभम कुशवाहा, सौरभ सोनी, सर्वेश पटेल, प्रिया सिंह एवं युग सिंह वंदे मातरम् थीम पर स्केचिंग की शानदार शुरुआत की। उत्तर प्रदेश सरकार राज्य ललित कला अकादमी के अध्यक्ष डॉ सुनील विश्वकर्मा, उपाध्यक्ष गिरीशचद्र मिश्र व निदेशक अमित कुमार अग्निहोत्री ने संयोजक रवीन्द्र कुशवाहा को बधाई दी। उद्घाटन अवसर पर संस्कार भारतीय प्रयागराज के पदाधिकारी दीपक शर्मा, सुशील राय, योगेंद्र मिश्र विश्वबंधु, ज्योति मिश्रा, विभव मिश्रा ने कलाकारों के ड्राइंग की तारीफ की।

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हिन्दुस्थान समाचार / विद्याकांत मिश्र