अनुसंधान एवं प्रशिक्षण के लिए अहम केन्द्र बनेगा एमएम योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी का जैविक खेती फार्म : हीरालाल पटेल
कानपुर, 22 जुलाई (हि.स.)। जैविक खेती भविष्य की आवश्यकता है और किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाकर स्वस्थ समाज एवं समृद्ध भारत के निर्माण में योगदान देना चाहिए। इन्ही उद्देश्यों को लेकर बिल्हौर स्थित महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी में उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जैविक खेती फार्म बनाया जिसका आज विधिवत उद्घाटन हुआ। यह फार्म जैविक कृषि, अनुसंधान, प्रशिक्षण, आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रदर्शन तथा किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण प्रदान करने का एक महत्वपूर्ण केंद्र होगा। यह बातें बुधवार काे राष्ट्रीय एकीकृत शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. हीरा लाल पटेल (आईएएस) ने कहीं।
महर्षि महेश योगी इंटरनेशनल एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी, गदनपुर आहर, बिल्हाैर में बुधवार को उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जैविक खेती फार्म का उद्घाटन एवं जैविक पौधरोपण समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, प्राकृतिक कृषि और टिकाऊ कृषि विकास का संदेश दिया गया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय के कुलाधिपति अजय प्रकाश श्रीवास्तव और राष्ट्रीय एकीकृत शिक्षा परिषद के सचिव डॉ. हीरा लाल पटेल (आईएएस) ने संयुक्त रूप से पौधारोपण कर किया। इसके बाद विश्वविद्यालय परिसर में स्थापित उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े जैविक खेती फार्म का विधिवत उद्घाटन किया गया।
फार्मरफेस ऑर्गेनिक टेक्नोलॉजी एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के मुख्य प्रबंध निदेशक मोहन मुरारी सिंह ने कहा कि यह फार्म जैविक कृषि के क्षेत्र में अनुसंधान, प्रशिक्षण और आधुनिक कृषि तकनीकों के प्रदर्शन का महत्वपूर्ण केंद्र बनेगा। यहां किसानों को व्यवहारिक प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे प्राकृतिक खेती को बढ़ावा मिलेगा।
कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के पदाधिकारियों, कृषि वैज्ञानिकों, शोधार्थियों, प्रगतिशील किसानों, विभिन्न संस्थानों के प्रतिनिधियों और अन्य गणमान्य अतिथियों ने भाग लिया। सभी ने अधिक से अधिक पौधारोपण करने और पौधों के संरक्षण का संकल्प लेते हुए जैविक कृषि को जन-आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप