युवा ऊर्जा को राष्ट्र निर्माण में लगाएं : बैरिस्टर

 


कानपुर, 18 सितंबर (हि.स.)। भारत का युवा देश की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं में ऊर्जा, प्रतिभा, साहस और सृजनात्मकता की अपार क्षमता है। युवा अपनी ऊर्जा और सामर्थ्य को सकारात्मक दिशा देकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। आधुनिक शिक्षा, विज्ञान और तकनीक के साथ भारतीय संस्कृति, जीवन-मूल्यों और गौरवशाली विरासत से भी जुड़े रहें। यह बातें शुक्रवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ, (आरएसएस) कानपुर विभाग के विभाग प्रचारक बैरिस्टर ने शुक्रवार काे बीएनएसडी शिक्षा निकेतन इंटर कॉलेज, बेनाझाबर में संघ के शताब्दी वर्ष के निमित्त आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि देश की वास्तविक उन्नति केवल आर्थिक और तकनीकी विकास से नहीं, बल्कि चरित्रवान, अनुशासित, संवेदनशील और जिम्मेदार नागरिकों के निर्माण से होगी। युवाओं को स्वामी विवेकानंद के जीवन और विचारों से आत्मविश्वास, आत्मबल, चरित्र निर्माण, परिश्रम, अनुशासन और राष्ट्रसेवा की प्रेरणा लेनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि रामकृष्ण परमहंस के जीवन से युवाओं को सत्य, सरलता, त्याग, आध्यात्मिकता, सेवा, सहिष्णुता और सभी के प्रति सम्मान की सीख मिलती है। युवाओं को अपने जीवन का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत सफलता और सुख-सुविधाओं तक सीमित नहीं रखना चाहिए, बल्कि समाज और राष्ट्र के प्रति अपने दायित्वों को भी समझना चाहिए। उन्होंने युवाओं से समय, प्रतिभा और ऊर्जा का उपयोग शिक्षा, कौशल विकास, सामाजिक सेवा, पर्यावरण संरक्षण और अन्य रचनात्मक कार्यों में करने का आह्वान किया। उन्हाेंने कहा कि जाति, भाषा और क्षेत्र जैसी संकीर्णताओं से ऊपर उठकर सामाजिक समरसता, एकता और बंधुत्व को मजबूत करने का प्रयास करना चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आर्य नगर के नगर संघचालक अर्जुन ने की। इसमें संघ के पदाधिकारी, स्वयंसेवक, युवा कार्यकर्ता, बड़ी संख्या में युवा और मातृशक्ति शामिल हुई। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र, समाज, संस्कृति और चरित्र निर्माण के प्रति जागरूक कर सकारात्मक एवं रचनात्मक दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना रहा।

-----------------

हिन्दुस्थान समाचार / रोहित कश्यप