दीपावली से पहले यूपीएफएसडीए का प्रदेशव्यापी अभियान, अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों पर कसा शिकंजा

दीपावली पर आमजन को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस बार विभाग ने विशेष रूप से उन अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों पर निगरानी केंद्रित की, जो मुख्यतः त्योहारों के दौरान सक्रिय होती हैं। इन इकाइयों में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में मिठाइयों के निर्माण की आशंका को देखते हुए विभाग ने सभी मंडलों में एक साथ जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई की।
 

संभल, शामली, बुलंदशहर और लखनऊ में गंभीर अनियमितताओं पर 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित

‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत सभी मंडलों में अंतर-जनपदीय अधिकारियों की टीमों ने एक साथ की जांच

50 कुंतल संदूषित मिठाइयां नष्ट, 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य पदार्थ अधिग्रहीत; कुल अनुमानित मूल्य 22.50 लाख रुपये

379 प्रतिष्ठानों का निरीक्षण, 373 नमूने संग्रहित और 211 सुधार सूचनाएं जारी

*छोटे एवं खुदरा खाद्य विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न करने के स्पष्ट निर्देश

उपभोक्ताओं की सेहत सर्वोपरि, खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर नहीं मिलेगी छूट

लखनऊ, 2 नवंबर। दीपावली पर आमजन को शुद्ध, सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण मिठाइयां उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत प्रदेशव्यापी विशेष निरीक्षण अभियान चलाया। इस बार विभाग ने विशेष रूप से उन अस्थायी मिठाई निर्माण इकाइयों पर निगरानी केंद्रित की, जो मुख्यतः त्योहारों के दौरान सक्रिय होती हैं। इन इकाइयों में खाद्य सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में मिठाइयों के निर्माण की आशंका को देखते हुए विभाग ने सभी मंडलों में एक साथ जांच और प्रवर्तन की कार्रवाई की।

अभियान के तहत प्रदेशभर में 379 खाद्य प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया गया और 373 नमूने संग्रहित किए गए। अनियमितताएं मिलने पर 211 सुधार सूचनाएं जारी की गईं। गंभीर स्वच्छता एवं खाद्य सुरक्षा संबंधी खामियों के चलते 9 प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनका कारोबार बंद कराया गया। इसके अतिरिक्त बिना लाइसेंस संचालित एक इकाई को भी बंद कराया गया और उसके संचालक के विरुद्ध न्यायालय में वाद दायर करने की कार्रवाई शुरू की गई।

कार्रवाई के दौरान लगभग 50 कुंतल संदूषित मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जिनका अनुमानित मूल्य करीब 11 लाख रुपये है। वहीं, लगभग 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य पदार्थ अधिग्रहीत किए गए, जिनका अनुमानित मूल्य करीब 11.50 लाख रुपये है। इस प्रकार कुल 99 कुंतल खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई की गई, जिसका संयुक्त अनुमानित मूल्य लगभग 22.50 लाख रुपये है।

निष्पक्ष जांच के लिए अपनाई गई विशेष रणनीति

अभियान को प्रभावी और निष्पक्ष बनाने के लिए विभाग ने अंतर-जनपदीय निरीक्षण व्यवस्था लागू की। इसके तहत प्रत्येक मंडल के परिधिगत जनपदों में दूसरे जनपदों के अधिकारियों की टीमें तैनात कर एक साथ निरीक्षण कराया गया। इससे स्थानीय स्तर पर निष्पक्ष जांच और प्रभावी प्रवर्तन सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया।

निरीक्षण के दौरान केवल तैयार मिठाइयों की गुणवत्ता ही नहीं, बल्कि उनके निर्माण की पूरी प्रक्रिया को जांच के दायरे में रखा गया। खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने निर्माण परिसरों की स्वच्छता एवं सैनिटेशन, कच्चे माल और तैयार मिठाइयों के भंडारण, खाद्य रंगों एवं तेल की गुणवत्ता, मिलावट की आशंका, मिठाइयों की गुणवत्ता और शेल्फ लाइफ, पेयजल की शुद्धता, खाद्य कर्मियों से संबंधित मानकों, लाइसेंस, अभिलेखों तथा पैकेजिंग की जांच की।

कई स्थानों पर बेहद अस्वास्थ्यकर परिस्थितियों में मिठाइयों का निर्माण, परिसर में गंदगी एवं कीटों की मौजूदगी और कच्चे माल के अनुचित भंडारण जैसी गंभीर कमियां सामने आईं। कुछ इकाइयों में इस्तेमाल की जा रही खाद्य सामग्री की गुणवत्ता भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं मिली। इन मामलों में नियमानुसार तत्काल कार्रवाई की गई।

संभल में पांच रसगुल्ला निर्माण इकाइयों के लाइसेंस निलंबित

जनपद संभल में पांच रसगुल्ला निर्माण इकाइयों में गंभीर स्वच्छता एवं भंडारण संबंधी अनियमितताएं पाई गईं। इनमें सत्तार रसगुल्ला निर्माण शाला, जोगेंद्र रसगुल्ला कारखाना, इरफान रसगुल्ला, तहजीब रसगुल्ला तथा साने आलम रसगुल्ला निर्माण इकाइयां शामिल हैं। खाद्य सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन मिलने पर इन सभी इकाइयों के लाइसेंस निलंबित कर खाद्य कारोबार बंद करा दिया गया।

शामली में अनुमन्य नहीं रसायन की मौजूदगी पर कार्रवाई

जनपद शामली स्थित जखीरा बत्तीसा निर्माण कारखाने के निरीक्षण में सेफोलाइट नामक रसायन की मौजूदगी पाई गई, जो खाद्य पदार्थों में अनुमन्य नहीं है। इसके अलावा परिसर में गंदगी भी मिली। खाद्य सुरक्षा के दृष्टिगत संबंधित प्रतिष्ठान के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की गई।

बुलंदशहर में बंधन स्वीट्स और रामा स्वीट्स पर कार्रवाई

जनपद बुलंदशहर में बंधन स्वीट्स और रामा स्वीट्स में भी स्वच्छता एवं भंडारण संबंधी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन को देखते हुए दोनों प्रतिष्ठानों के लाइसेंस निलंबित कर उनका कारोबार बंद करा दिया गया।

लखनऊ में गंदगी और बिना लाइसेंस संचालन पर शिकंजा

लखनऊ मंडल में निरीक्षण के दौरान पारा के नरपतखेड़ा स्थित जय श्री दुर्गा गृह उद्योग में अत्यधिक गंदगी और कीटों की मौजूदगी के बीच खाद्य पदार्थों का निर्माण किया जा रहा था। इस पर विभागीय टीम ने प्रतिष्ठान का कारोबार बंद करा दिया।

वहीं, काकोरी के पटोली, बनियाखेड़ा स्थित आकृति गृह उद्योग बिना लाइसेंस संचालित पाया गया। विभाग ने यहां भी खाद्य कारोबार बंद करा दिया है। संबंधित संचालक के विरुद्ध सक्षम न्यायालय में वाद दायर करने की कार्रवाई शुरू की गई है।

99 कुंतल खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई

प्रदेशव्यापी अभियान के दौरान लगभग 50 कुंतल संदूषित मिठाइयां नष्ट कराई गईं, जिनका अनुमानित मूल्य 11 लाख रुपये है। इसके अतिरिक्त लगभग 49 कुंतल संदिग्ध खाद्य पदार्थ अधिग्रहीत किए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 11.50 लाख रुपये है। इस तरह कुल 99 कुंतल खाद्य सामग्री के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए करीब 22.50 लाख रुपये मूल्य की सामग्री को नष्ट एवं अधिग्रहीत किया गया।

छोटे कारोबारियों का उत्पीड़न नहीं, मानकों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई

यूपीएफएसडीए आयुक्त ने अभियान में शामिल अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि निरीक्षण और जांच के नाम पर छोटे एवं खुदरा खाद्य विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। विभाग की कार्रवाई का उद्देश्य वास्तविक अनियमितताओं और खाद्य सुरक्षा मानकों के उल्लंघन पर अंकुश लगाना है, न कि नियमों का पालन करने वाले छोटे कारोबारियों को परेशान करना। विभाग का स्पष्ट संदेश है कि दीपावली पर बाजार में बिकने वाली मिठाइयां निर्धारित खाद्य सुरक्षा मानकों के अनुरूप हों और मुनाफे के लिए आमजन के स्वास्थ्य से खिलवाड़ करने वाले कारोबारियों को किसी भी स्थिति में छूट न मिले।