नवरात्रि से पहले मिलावट पर यूपीएफएसडीए का बड़ा वार, 20,924 किलो खाद्य पदार्थ जब्त

 

‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान में प्रदेशव्यापी कार्रवाई, 66.87 लाख रुपये से अधिक कीमत की खाद्य सामग्री जब्त

घी से लेकर कुट्टू के आटे, साबूदाना और मसालों तक पर सख्ती, 176 खाद्य नमूने लिए गए

लखनऊ में 748 किलो घी, बरेली में 3,281 किलो और एटा में 2,544 किलो घी जब्त

नोएडा में 3,559 किलो पिसे मसालों की खेप पकड़ी गई, लाइसेंस रद के साथ ही एफआईआर भी दर्ज

मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त 4,273 किलोग्राम खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए, जिनका अनुमानित मूल्य 63 हजार 900 रुपये

दो खाद्य कारोबारकर्ताओं के लाइसेंस निलंबित, एक प्रतिष्ठान के बिना लाइसेंस संचालन के मामले में वाद दायर करने की प्रक्रिया जारी

अभियान के दौरान विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों को करीब 58 सुधारात्मक नोटिस जारी किए गए हैं

लखनऊ, 10 अक्टूबर। नवरात्रि पर्व के दौरान आमजन को सुरक्षित, शुद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (यूपीएफएसडीए) ने ‘शुद्ध ही शुभ है’ अभियान के तहत प्रदेशभर में प्रवर्तन कार्रवाई तेज कर दी है। 9 अक्टूबर की देर रात्रि तक चली कार्रवाई में प्रदेश स्तरीय एवं जनपदीय प्रवर्तन दलों ने खाद्य पदार्थों के निर्माण, भंडारण और विक्रय प्रतिष्ठानों की सघन जांच की। अभियान के तहत 20,924 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए हैं, जिनका अनुमानित कुल मूल्य 66 लाख 87 हजार 58 रुपये है। वहीं, 176 खाद्य नमूने एकत्र किए गए हैं। प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए गए 4,273 किलोग्राम खाद्य पदार्थ नष्ट कराए गए हैं, जिनका अनुमानित कुल मूल्य 63 हजार 900 रुपये है। अभियान के तहत दो खाद्य कारोबारकर्ताओं के लाइसेंस निलंबित करने की प्रक्रिया चल रही है। वहीं एक प्रतिष्ठान के बिना लाइसेंस संचालन के मामले में वाद दायर करने की प्रक्रिया की जा रही है। इसके अलावा विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों को करीब 58 सुधारात्मक नोटिस जारी किए गए हैं।


कार्रवाई के दौरान विशेष रूप से नवरात्रि में उपयोग किए जाने वाले घी, खाद्य तेल, वनस्पति, कुट्टू एवं सिंघाड़े के आटे, साबूदाना और अन्य फलाहारी खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता एवं शुद्धता की जांच की गई। जहां खाद्य सुरक्षा संबंधी अनियमितताएं मिलीं, वहां खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत खाद्य पदार्थों को जब्त करने, नमूने लेने, मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त खाद्य पदार्थों को नष्ट कराने तथा संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की गई।

घी की बड़ी खेप पर कार्रवाई, बरेली और एटा में भी सख्ती

नवरात्रि से पहले घी की गुणवत्ता को लेकर विभाग ने विशेष निगरानी की। बरेली में तीन प्रतिष्ठानों से 3,281 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत 21 लाख 22 हजार 120 रुपये है। वीके शॉ प्रतिष्ठान से 2,280 किलोग्राम घी कीमत 14 लाख 52 हजार 200 रुपये, अजय कुमार गुप्ता के प्रतिष्ठान से 319 किलोग्राम घी कीमत दो लाख 19 हजार 800 रुपये और भारत घी प्रतिष्ठान से 682 किलोग्राम घी कीमत चार लाख 50 हजार 120 रुपये का घी जब्त किया गया। वहीं एटा की श्री बाबा डेयरी से 2,544 किलोग्राम घी और मक्खन जब्त किया गया। इसकी कीमत 17 लाख 16 हजार 120 रुपये है। यह मात्रा 25 कुंतल से अधिक है। बदायूं में बाबू राम रमेश चंद्र के प्रतिष्ठान से 538 किलोग्राम घी जब्त किया गया, जिसकी कीमत तीन लाख 63 हजार 150 रुपये है।

लखनऊ में 748 किलो घी समेत 1,321 किलो खाद्य सामग्री जब्त

राजधानी लखनऊ में भैरव घी भंडार से अनियमितताओं के आधार पर 748 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 4 लाख 22 हजार 629 रुपये है। इसके अलावा अन्य प्रतिष्ठानों से कुट्टू का आटा एवं कुट्टू की गिरी सहित 573 किलोग्राम खाद्य सामग्री जब्त की गई, जिसकी कीमत 88 हजार 260 रुपये है।

नोएडा में 3,559 किलो पिसे मसाले जब्त, लाइसेंस निलंबन और एफआईआर

गौतमबुद्ध नगर यानी नोएडा में धर्मेश इंडस्ट्री पर हुई कार्रवाई में मसालों में प्रयोग के लिए धनिया के डंठल, कलर एवं भूसी पाए जाने के संबंध में 3,559 किलोग्राम पिसे हुए मसाले जब्त किए गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 7 लाख रुपये बताई गई है। मामले में संबंधित प्रतिष्ठान का लाइसेंस निलंबित करने के साथ एफआईआर दर्ज कराने की कार्रवाई की जा रही है।

गाजियाबाद में मिथ्या छाप के आधार पर साबूदाना जब्त

गाजियाबाद में साबूदाना, घी और कुट्टू के आटे को लेकर कार्रवाई की गई। मिथ्या छाप (मिसब्रांडिंग) के आधार पर 2,848 किलोग्राम साबूदाना जब्त किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत एक लाख 35 हजार 564 रुपये है। इसके अलावा 75 किलोग्राम डेरी क्राफ्ट ब्रांड घी कीमत 58 हजार 500 रुपये तथा 76 किलोग्राम कुट्टू का आटा कीमत 24 हजार 750 रुपये जब्त किया गया। प्लॉट नंबर 1/1, एसएसजीटी रोड, गाजियाबाद स्थित मेट्रो कैश एंड कैरी इंडिया प्राइवेट लिमिटेड से घी के दो नमूने भी लिए गए। इसके अलावा 210 लीटर अन्नपूर्णा ब्रांड घी, मूल्य दो लाख रुपये, तथा 76 लीटर परम ब्रांड घी, मूल्य 48 हजार 148 रुपये, जब्त किया गया।

सहारनपुर में 6 हजार किलो हल्दी जब्त

सहारनपुर में अस्वच्छ परिस्थितियों में रखी करीब 6,000 किलोग्राम हल्दी जब्त की गई। इसकी कीमत 6 लाख 83 हजार 772 रुपये है। इसके अतिरिक्त 298 किलोग्राम संदिग्ध कुट्टू का आटा, जिसकी अनुमानित कीमत 17 हजार 284 रुपये है, भी जब्त किया गया।

कानपुर में कुट्टू से जुड़े खाद्य पदार्थों पर कार्रवाई

कानपुर में विभिन्न प्रतिष्ठानों से कुट्टू एवं कुट्टू के आटे सहित कुल 390 किलोग्राम खाद्य पदार्थ जब्त किए गए, जिनका कुल मूल्य 81 हजार 300 रुपये है। वहीं हरि कृष्णा इंटरप्राइजेज पर 60 किलोग्राम कुट्टू साबुत अस्वच्छ स्थिति में पाए जाने के कारण जब्त किया गया। इसकी कीमत विभागीय विवरण में 1.50 लाख रुपये दर्ज है।

मऊ में दूषित दूध और मिल्क केक नष्ट

मऊ में एक प्रतिष्ठान पर बिलौटी एवं संदूषित पाए गए 60 किलोग्राम दूध को नष्ट कराया गया। इसकी कीमत 3,600 रुपये है। इसके अतिरिक्त 90 किलोग्राम मिल्क केक भी नष्ट कराया गया, जिसकी अनुमानित कीमत 18 हजार रुपये है।लखीमपुर में मंडलीय प्रवर्तन कार्रवाई के दौरान एक प्रतिष्ठान से 210 किलोग्राम घी जब्त किया गया। इसकी अनुमानित कीमत 1 लाख 34 हजार 400 रुपये है।

उन्नाव में भी कार्रवाई

उन्नाव में आगरा एक्सप्रेसवे पर लखनऊ की ओर आ रहे एक पिकअप वाहन से 4 कुंतल कॉन्टेमिनेटेड खाद्य सामग्री पर कार्रवाई की गई। इसके अतिरिक्त, फर्रुखाबाद में अरिनशा मिल्क प्रोडक्ट्स लिमिटेड के अलावा अलीगढ़ और कासगंज में भी विभागीय टीमों ने खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की। कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के नमूने लिए गए, जिन्हें नियमानुसार जांच के लिए भेजा जा रहा है।

छोटे दुकानदारों का अनावश्यक उत्पीड़न नहीं

यूपीएफएसडीए आयुक्त डॉ रोशन जैकब ने प्रवर्तन दलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जांच और कार्रवाई के नाम पर छोटे दुकानदारों एवं खुदरा विक्रेताओं का अनावश्यक उत्पीड़न न किया जाए। अभियान का उद्देश्य गंभीर अनियमितताओं में संलिप्त कारोबारियों, मिलावट करने वालों तथा मिथ्या छाप वाले खाद्य पदार्थों का निर्माण या विक्रय करने वाले प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करना है।प्रवर्तन दलों को निष्पक्षता, पारदर्शिता और विधिसम्मत प्रक्रिया का पालन करते हुए कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।