यूपीडाकॉन 2026: मधुमेह शिक्षा और सामुदायिक जागरूकता कार्यक्रम में आमजन को किया गया जागरूक
लखनऊ, 09 अक्टूबर (हि.स.)। उत्तर प्रदेश डायबिटीज एसोसिएशन द्वारा 'यूपीडाकॉन 2026' के अंतर्गत डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान (डॉ. आरएमएलआईएमएस), लखनऊ के सहयोग से संस्थान के एकेडमिक ब्लॉक सभागार में एक विशेष मधुमेह शिक्षा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग छात्रों को मधुमेह की रोकथाम, इसके शीघ्र पहचान, प्रबंधन और प्रभावी रोगी देखभाल के प्रति जागरूक और प्रशिक्षित करना था।
कार्यक्रम में यूपीडा के पूर्व अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) नरसिंह वर्मा, निर्वाचित अध्यक्ष डॉ. नानक सरन तथा यूपीडाकॉन 2026 के आयोजन सचिव डॉ. अभिषेक अरुण विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम की शुरुआत में कॉलेज ऑफ नर्सिंग के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) शिव कुमार मुद्गल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया। इसके बाद प्रो. (डॉ.) नरसिंह वर्मा ने कार्यक्रम की रूपरेखा सामने रखी। कॉलेज ऑफ नर्सिंग के उप-प्राचार्य प्रो. नितिन कलाल (आयोजन सह-अध्यक्ष) तथा एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. रंजना वर्मा (आयोजन सह-सचिव) ने भी कार्यक्रम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
संस्थान के शरीर क्रिया विज्ञान विभाग के सहायक आचार्य एवं सहायक चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शिवम वर्मा ने इस दौरान मधुमेह प्रबंधन, मरीजों को सही परामर्श देने और उनकी देखभाल में नर्सिंग स्टाफ की भूमिका पर विशेष चर्चा की। इस शैक्षिक सत्र के बाद यूपीडा की जनजागरूकता पहल के तहत डॉ. आरएमएलआईएमएस के नगरीय स्वास्थ्य प्रशिक्षण केंद्र उजरियांव में आम जनता के लिए एक मधुमेह जागरूकता सत्र आयोजित किया गया। इस सामुदायिक कार्यक्रम में डॉ. शिवम वर्मा, यूएचटीसी प्रभारी एवं प्रोफेसर (जूनियर ग्रेड) डॉ. रश्मि कुमारी, एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. मिली सेंगर और सामुदायिक चिकित्सा विभाग के सहायक आचार्य डॉ. शिखर सिंह ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
इस सत्र के दौरान उजरियांव के स्थानीय नागरिकों को मधुमेह के जोखिम कारकों, इसके शुरुआती लक्षणों, नियमित ब्लड शुगर जांच के महत्व, संतुलित आहार, नियमित शारीरिक गतिविधियों और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। डॉक्टरों ने समय पर जांच, सही इलाज और बीमारी से होने वाली जटिलताओं से बचने के उपायों पर विशेष जोर दिया।-------------------
हिन्दुस्थान समाचार / बृजनंदन