उप्र कैबिनेट : प्रदेश के माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा

 


लखनऊ, 27 अक्टूबर (हि.स.)। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में पांच कालिदास मार्ग स्थित उनके सरकारी आवास पर मंगलवार को कैबिनेट की बैठक में शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा प्रदान किए जाने समेत कई अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी है।

कैबिनेट की बैठक के बाद प्रदेश सरकार के वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश खन्ना, पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह, परिवहन मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने लोकभवन स्थित मीडिया सेंटर में पत्रकार वार्ता कर निर्णयों के बारे में जानकारी दी।

वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि सैनिक स्कूल के मैनपुरी के सम्बंध में निःशुल्क जमीन दिए जाने के प्रस्ताव को मंजूरी मिली है। मैनपुरी में सैनिक स्कूल 22 जुलाई 2019 से संचालित है। कुल क्षेत्रफल 9.524 हेक्टेयर भूमि विद्यालय को निःशुल्क उपलब्ध करवाया जाएगा।

उन्होंने बताया क प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालय/वित्त विहीन माध्यमिक विद्यालय एवं संस्कृत विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कर्मचारियों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गयी है। शिक्षकों के बाद अब शिक्षणेत्तर कर्मचारियों हेतु कैशलेस सुविधा को स्वीकृति दी गयी है। इस योजना से कुल 48 हजार 62 कर्मचारियों को लाभ होगा। इसमें अशासकीय सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में 23 हजार 979 कर्मचारी, वित्तविहीन माध्यमिक विद्यालयों के 22 हजार 541, अशासकीय सहायता प्राप्त विद्यालय में 26, अशासकीय सहायता प्राप्त संस्कृत महाविद्यालयों में 110, समग्र शिक्षा माध्यमिक अंतर्गत जनपदों में कुल कर्मचारियों की संख्या 1406 है। इसके लिए सरकार द्वारा बीमा क़िस्त दी जाएगी। इस योजना पर सरकार का कुल व्यय 14 करोड़ 41 लाख 86 हजार रुपये आएगा।

वित्त मंत्री ने बताया कि प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के अन्तर्गत बेसिक शिक्षा परिषद, अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूल एवं वित्त विहीन विद्यालयों में कार्यरत शिक्षणेत्तर कार्मिकों, समग्र शिक्षा परियोजना के अन्तर्गत कार्यरत शिक्षणेत्तर कार्मिकों एवं उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को कैशलेस चिकित्सा सुविधा का लाभ प्रदान किये जाने के संबंध में आए प्रस्ताव को भी मंजूरी मिली है।

उन्होंने बताया कि उच्च न्यायालय, इलाहाबाद के क्लास-1 एवं 2 श्रेणी के अधिकारी गण हेतु देवघाट झलवा, प्रयागराज में टाइप-3 (533 ) एवं टाइप-4 (312) श्रेणी के कुल 845 आवासों के निर्माण कार्य हेतु प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान करते हुए धनराशि अवमुक्त किये जाने के संबंध में स्वीकृति प्रदान की गयी है। इस योजना पर कुल प्रस्तावित लागत 543 करोड़, 40 लाख 75 हजार रुपये है।

पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह ने बताया कि राज्य पशुधन मिशन (एस.एल.एम) के सम्बंध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गयी है। इसका प्रमुख उद्देश्य रोजगार सृजन, उद्यमिता विकास,पितृ पशु उत्पादकता में वृद्धि, दुग्ध उत्पादन को बढ़ावा देना है। इसके अलावा किसान को उन्नत नस्ल की दो गाय देने का प्रावधान किया गया है।

परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश अंतर्देशीय जलयान नियमावली 2026 के सम्बंध में प्रस्ताव को स्वीकृति मिल गयी है। इस फैसले के तहत अब इंजन से चलने वाली बड़ी जहाज़ों (यांत्रिक) व गैर यांत्रिक(छोटी नाव) दोनों का रजिस्ट्रेशन होगा। गैर यांत्रिक नावों का रजिस्ट्रेशन शुल्क 50 रुपये निर्धारित है। नाविक व यात्रियों का बीमा किया जाएगा।

-------------

हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला