योगी कैबिनेट : लखनऊ स्थित नौसेना शौर्य संग्रहालय का होगा विस्तार, 6.8 एकड़ में होगा वाटर बॉडी का विकास
-योगी कैबिनेट ने तीसरे चरण की परियोजना को दी मंजूरी, संग्रहालय के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी संभालेगा एलडीए
लखनऊ, 09 अक्टूबर (हि.स.)। लखनऊ में पर्यटन को नया आयाम देने के लिए विकसित किए जा रहे नौसेना शौर्य संग्रहालय का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को हुई कैबिनेट बैठक में संग्रहालय के तीसरे चरण के तहत वाटर बॉडी विकसित करने के लिए करीब 6.8 एकड़ जमीन पर्यटन विभाग को उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। साथ ही संग्रहालय परिसर के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) को सौंपने का भी निर्णय लिया गया।
वाटर बॉडी विकसित करने के लिए एलडीए संबंधित 6.8 एकड़ भूमि पर्यटन विभाग को एक लाख रुपये की टोकन मनी पर उपलब्ध कराएगा। परियोजना के तहत नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियां, बोटिंग, लाइट एंड साउंड शो के साथ जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से जुड़ी प्रदर्शनियां विकसित की जाएंगी। इससे नौसेना शौर्य संग्रहालय को एक ऐसे पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की योजना है, जहां लोग देश के समुद्री इतिहास और नौसेना की तकनीक को करीब से जानने के साथ मनोरंजन का भी आनंद ले सकेंगे।
इतिहास, विज्ञान और तकनीक से रूबरू होंगे पर्यटक
उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग भारतीय नौसेना के सहयोग से नौसेना शौर्य संग्रहालय विकसित कर रहा है। इसका उद्देश्य पर्यटकों को देश की समुद्री विरासत और नौसेना की सामरिक ताकत से रूबरू कराने के साथ अनुभवात्मक व ज्ञान आधारित पर्यटन को बढ़ावा देना है। संग्रहालय में नौसेना के उपकरणों, समुद्री इतिहास और देश की रक्षा क्षमताओं की झलक देखने को मिलेगी। डिजिटल तकनीक, ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियों, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियों और सिमुलेशन के जरिये पर्यटक नौसेना की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे।
'संग्रहालय विस्तार से बढ़ेंगे पर्यटन और रोजगार'
पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि 'मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में ऐसे पर्यटन स्थलों का विकास किया जा रहा है, जो लोगों में जिज्ञासा पैदा करने के साथ युवाओं को देश की राष्ट्रीय विरासत से जोड़ें। अनुभवात्मक और ज्ञान आधारित पर्यटन के जरिए विद्यार्थियों के लिए इतिहास, विज्ञान और तकनीक को अधिक रोचक बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि नौसेना शौर्य संग्रहालय के विस्तार से परिवारों को लखनऊ घूमने का एक नया विकल्प मिलेगा। साथ ही पर्यटन से जुड़े कारोबार और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसरों को भी बढ़ावा मिलेगा।'
परियोजना के पहले चरण के तहत विकसित नौसेना शौर्य वाटिका का उद्घाटन 30 मई 2026 को केंद्रीय रक्षा मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री ने किया था। वाटिका में भारतीय नौसेना की ओर से उपलब्ध कराए गए युद्धपोतों और पनडुब्बियों के हिस्से, नौसैनिक तोपें, लंगर और प्रोपेलर प्रदर्शित किए गए हैं। इनके माध्यम से पर्यटक समुद्र से दूर स्थित लखनऊ में भी भारतीय नौसेना की कार्यप्रणाली और उसकी सामरिक क्षमताओं को करीब से समझ सकते हैं।
आधुनिक तकनीक से रूबरू कराएगा एक्सपीरियंस सेंटर
परियोजना के तहत प्रस्तावित क्यूरेशन एंड एक्सपीरियंस सेंटर में भारत की समुद्री विरासत को आधुनिक तकनीक के माध्यम से प्रस्तुत किया जाएगा। यहां डिजिटल गैलरी, इमर्सिव ऑडियो-विजुअल प्रस्तुतियां, इंटरैक्टिव प्रदर्शनियां और सिमुलेशन विकसित किए जाएंगे। इनके जरिए प्राचीन समुद्री व्यापार से लेकर आधुनिक नौसैनिक अभियानों और स्वदेशी रक्षा तकनीक तक की यात्रा को दर्शाया जाएगा। केंद्र में भारतीय नौसेना की समुद्री सुरक्षा, आपदा राहत और बचाव अभियानों में भूमिका की जानकारी भी दी जाएगी। इसके अतिरिक्त यहां एक्वेरियम विकसित करने की भी योजना है। इससे विद्यार्थियों और शोध में रुचि रखने वाले युवाओं को समुद्री जीवन तथा उससे जुड़ी तकनीक को समझने का अवसर मिलेगा।
वाटर बॉडी में बोटिंग और लाइट एंड साउंड शो
परियोजना के तीसरे चरण में विकसित होने वाली वाटर बॉडी संग्रहालय परिसर का प्रमुख आकर्षण होगी। यहां नौसेना के जहाजों की प्रतिकृतियों के साथ बोटिंग की सुविधा विकसित की जाएगी। लाइट एंड साउंड शो तथा जलीय जीवन और समुद्री जैव विविधता से संबंधित प्रदर्शनियां भी प्रस्तावित हैं। इससे संग्रहालय को शैक्षणिक भ्रमण के साथ परिवारों के मनोरंजन के लिए भी उपयोगी बनाया जा सकेगा।
69.10 करोड़ की परियोजना, 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य
संग्रहालय भवन, नौसेना शौर्य वाटिका और क्यूरेशन से जुड़े कार्यों के लिए अब तक करीब 69.10 करोड़ रुपए की मंजूरी दी जा चुकी है। वर्ष 2025 में शुरू हुई इस तीन चरणों वाली परियोजना को 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। परिसर में प्रवेश के लिए टिकट की व्यवस्था भी होगी। विद्यार्थियों और स्कूली बच्चों के लिए रियायती दरों पर प्रवेश की व्यवस्था होगी। इससे स्कूलों के शैक्षणिक भ्रमण को प्रोत्साहन मिलने और विद्यार्थियों को इतिहास, विज्ञान, तकनीक तथा राष्ट्रीय सेवा से जुड़े विषयों को प्रत्यक्ष रूप से समझने का अवसर मिलने की उम्मीद है। नौसेना शौर्य वाटिका के संचालन और रखरखाव की जिम्मेदारी एलडीए संभालेगा।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को मिलेंगे दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में शुक्रवार को कैबिनेट की बैठक में प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को वित्तीय वर्ष 2026-27 में दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दी गई। विगत वर्ष की तरह चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में भी प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना से जुड़े लाभार्थियों को दो निःशुल्क एलपीजी सिलेंडर रिफिल दिए जाएंगे। इस पर राज्य सरकार के ऊपर कुल 2,142.78 करोड़ रुपये का अनुमानित व्यय भार आएगा।
आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को मिलेगी एक अतिरिक्त साड़ी
वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने बताया कि प्रदेश में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को अब विभागीय कार्यों के बेहतर संपादन और कार्यस्थल पर निर्धारित वेशभूषा में काम करने के लिए एक अतिरिक्त साड़ी उपलब्ध कराई जाएगी। इस फैसले से प्रदेश के कुल तीन लाख 80 हजार 290 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों और सहायिकाओं को लाभ मिलेगा। राज्य सरकार इस पर करीब 19.02 करोड़ रुपये खर्च करेगी।
31 दिसंबर तक होगी मक्का, बाजरा व ज्वार की खरीद
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत 'श्रीअन्न' (मोटे अनाज) की खरीद 31 दिसंबर तक चलेगी। खाद्य व रसद मंत्री मनोज कुमार पांडेय के मुताबिक 'मोटे अनाज' में शामिल ज्वार (मालदांडी) का 4073, ज्वार (हाईब्रिड) का 4023 रुपये, बाजरा का 2900 और मक्का का 2410 रुपये प्रति कुंतल न्यूनतम समर्थन मूल्य तय किया है। मुख्यमंत्री ने 48 घंटे में किसानों को भुगतान कराने का निर्देश दिया है। किसानों के आधार लिंक्ड बैंक खाते में सीधे भुगतान किया जाएगा। किसान अपनी किसी भी समस्या के लिए टोल फ्री नंबर 18001800150 से मदद ले सकते हैं।
मक्का खरीद के लिए 25 जनपद प्रस्तावित
मक्का खरीद 25 जनपदों में होगी। यह जनपद बुलंदशहर, बदायूं, हरदोई, उन्नाव, मैनपुरी, आगरा, फिरोजाबाद, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, औरैया, फर्रुखाबाद, कन्नौज, बहराइच, गोंडा, देवरिया, बलिया, जौनपुर, मीरजापुर, सोनभद्र एवं ललितपुर हैं।
बाजरा खरीद वाले 33 जनपद निर्धारित
बुलंदशहर, रामपुर, संभल, अमरोहा, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, आगरा, मथुरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, अलीगढ़, एटा, कासगंज, हाथरस, कानपुर नगर, कानपुर देहात, इटावा, फर्रुखाबाद, औरैया, कन्नौज, बलिया, जौनपुर, गाजीपुर, मीरजापुर, प्रयागराज, कौशाम्बी, फतेहपुर, जालौन, चित्रकूट एवं हमीरपुर (कुल 33 जनपदों) में की जायेगी।
इन 13 जिलों में होगी ज्वार की खरीद
बांदा, चित्रकूट, हमीरपुर, महोबा, कानपुर नगर-देहात, फतेहपुर, उन्नाव, हरदोई, मीरजापुर, जालौन, झांसी, फिरोजाबाद में ज्वार की खरीद होगी।
हिन्दुस्थान समाचार / दिलीप शुक्ला