योग से जागी शक्ति, आत्मविश्वास से चमकी छात्राओं ने सीखा स्वस्थ और सशक्त जीवन का मंत्र
- केबीपीजी कॉलेज में मिशन शक्ति फेज-05 का भव्य समापन
मीरजापुर, 24 मार्च (हि.स.)। योग, आत्मबल और महिला सशक्तीकरण का सुंदर संगम सोमवार को नगर के केबी पीजी कॉलेज में देखने को मिला, जहां मिशन शक्ति के अंतर्गत आयोजित दो दिवसीय निःशुल्क योग प्रशिक्षण शिविर का भव्य समापन हुआ। पतंजलि और युवा भारत की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में छात्राओं को केवल योगाभ्यास ही नहीं, बल्कि स्वस्थ, सजग और आत्मविश्वासी जीवन का संदेश भी दिया गया।
समापन अवसर पर राष्ट्रीय योगासन जज एवं योग गुरु योगी ज्वाला सिंह ने छात्राओं को प्राणायाम का विशेष प्रशिक्षण देते हुए भस्त्रिका, कपालभाति, बाह्य प्राणायाम, अनुलोम-विलोम और भ्रामरी का अभ्यास कराया। उन्होंने बेहद सरल ढंग से बताया कि नियमित प्राणायाम न केवल शरीर को रोगों से बचाता है, बल्कि मन को भी स्थिर और मजबूत बनाता है। उन्होंने कहा कि भस्त्रिका श्वास संबंधी समस्याओं जैसे दमा, अस्थमा, सर्दी-जुकाम, नजला और साइनस में लाभकारी है, जबकि भ्रामरी मानसिक तनाव, अनिद्रा, थकान और माइग्रेन जैसी समस्याओं में राहत देती है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि योग को केवल कार्यक्रम तक सीमित न रखें, बल्कि इसे दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।
प्राचार्य प्रो. रविंद्र कुमार द्विवेदी ने कहा कि योग भारत की ऐसी सांस्कृतिक विरासत है, जिसने आज पूरी दुनिया को प्रभावित किया है। उन्होंने कहा कि योग केवल शरीर को लचीला बनाने की क्रिया नहीं, बल्कि जीवन को संतुलित, अनुशासित और स्वस्थ बनाने का माध्यम है। यही वजह है कि दुनिया आज भारतीय योग परंपरा को सम्मान की नजर से देख रही है।
कार्यक्रम की संयोजिका डॉ. प्रतिमा भारतीयता ने कहा कि मिशन शक्ति का उद्देश्य केवल महिलाओं को जागरूक करना नहीं, बल्कि उन्हें अंदर से मजबूत बनाना भी है। इस दो दिवसीय शिविर में योग गुरु ने छात्राओं और महिलाओं को स्वस्थ रहने का जो मूल मंत्र दिया, वह उनके जीवन को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने कहा कि जब महिलाएं शारीरिक और मानसिक रूप से सशक्त होंगी, तभी समाज भी सशक्त बनेगा।
पूरा कार्यक्रम इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि योग केवल आसनों का अभ्यास नहीं, बल्कि आत्मबल जगाने की साधना है। छात्राओं ने उत्साह के साथ भागीदारी कर यह साबित किया कि नई पीढ़ी स्वास्थ्य और आत्मविकास को लेकर सजग है। मिशन शक्ति फेज-05 के इस आयोजन ने महिला सशक्तीकरण के अभियान को योग के माध्यम से एक प्रेरक स्वर दिया। इस अवसर पर डॉ. ऋचा शुक्ला, डॉ. कुंजन मिश्रा, डॉ. गुरु प्रसाद ओझा, डॉ. स्नेहलता पटेल, डॉ. नेहा पटेल, डॉ. रोशनी सिंह, डॉ. शिव प्रसाद आदि उपस्थित थे।
हिन्दुस्थान समाचार / गिरजा शंकर मिश्रा